रायगढ़। जिले में एक ऐसा प्लांट है जो अपनी गैर-जिम्मेदाराना हरकतों और कारस्तानियों के कारण हमेशा सुर्खियों में रहा करता है और स्थानीय निवासी इससे त्रस्त रहते हैं। वर्तमान में इस कंपनी ने ग्रामीणों के आने-जाने के मुख्यमार्ग के दोनों ओर को जेसीबी से गड्ढा कर दिया है जिससे दुर्घटना का भय बना हुआ है। शिकायत के बावजूद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है।
रायगढ़-घरघोड़ा मार्ग में ग्राम चिराईपानी स्थित ओम श्री रुपेश कंपनी की, जिसके मालिक पूर्व कांग्रेसी नेता शंकर अग्रवाल हैं जो अपने आगे हर किसी को तुच्छ समझते हैं। श्रमिकों को पालतू जानवरों की तरह इस्तेमाल करने वाले इस प्लांट में बीते माह इनकी ही लापरवाही के कारण झोपड़ीनुमा लेबर क्वार्टर के ऊपर बाउंड्री वाल धँसने से एक गर्भवती महिला मजदूर की मौत हो गयी थी और दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस गंभीर हादसे के बाद भी यह कंपनी सुधरने का नाम नहीं ले रही है और गाँव के मुख्य सडक़ जिसमें आसपास के दर्जनों गाँव के सैकड़ों लोग रोजाना आवागमन करते हैं, के दोनों तरफ जेसीबी से गड्ढा खोद कर दुर्घटना को बुलावा दे रही है। बारिश से पानी भरने के कारण इस कच्चे सडक़ पर जहाँ लोगों को चलना और भी मुश्किल हो जाता है वहीं, इस कंपनी के पास से गुजरना अपनी जान जोखिम में डालने के जैसा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि दिखावे के लिए दो-तीन ट्राली मलबा डाल कर जस के तस छोड़ दिया गया है जबकि, स्वयं कंपनी के भारी वाहन भी यहीं से गुजरते हैं। दोनों ओर गड्ढे हो जाने से सडक़ इतना सकरा हो गया है कि ट्रक चालकों को वाहन के धंसने या पलटने का भय बना रहता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि शंकर अग्रवाल शासकीय जमीन और तालाब को भी कब्जा कर रखा है, जिसकी शिकायत पर प्रशासन अपने स्तर पर कार्रवाई कर रही है। इसके बावजूद भी यह सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। यही वजह है कि शंकर अग्रवाल के इस अडिय़ल रवैये से ग्रामवासियों में आक्रोश की चिंगारी सुलग रही है जो कभी भी विस्फोटक रूप ले सकती है।
यहाँ बताना लाजिमी होगा कि ग्रामवासियों और राहगीरों को हो रही दिक्कतों और आरोपों को लेकर जब तहतक न्यूज ने शंकर अग्रवाल से फोन कर उनका पक्ष जानने की कोशिश की तो जवाबदेही से बचते नजर आये।उन्होंने दो टूक शब्दों में यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि ष्मैं तीन-चार दिनों के लिए बाहर जा रहा हूँ।ष् तबतक जनता विलाप करती रहेगी। अब ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि जवाब देने से भागने वाला शख्श अपनी जगह कितना सही है?
धन के बल पर कुछ उद्योगपतियों ने इस औद्योगिक क्षेत्र को अपनी जागीर समझ लिया है। जहाँ चाह रहे वहाँ कब्जा कर रहे हैं, मजदूरों का शोषण कर रहे हैं, किसानों की खेती बर्बाद कर रहे हैं, स्थानीय वासियों का जीना हराम कर रहे हैं यहाँ तक कि जो साँस खुद ले रहे हैं उस हवा में भी जहर घोलने से बाज नहीं आ रहे हैं। रही बात इन पर अंकुश रखने वाले महावतों की तो उनकी तो बात ही निराली है।
ओम श्री रुपेश प्लांट की मनमानी, पिछली गलतियों से सबक नहीं ले रहा, दे रहा दुर्घटनाओं को आमंत्रण



