रायगढ़। रेलवे के परिचालन में अनियमितता के कारण अप व डाउन दोनों दिशा की यात्री ट्रेनें अपने गंतव्य तक घंटों विलंब से पहुंच रही हैं। जिससे यात्रियों को प्रतिदिन परेशानी झेलनी पड़ रही है। शनिवार को भी यही स्थिति रही, जब उत्कल एक्सप्रेस लगभग 12 घंटे की देरी से रायगढ़ पहुंची। इसी तरह हावड़ा-पोरबंदर एक्सप्रेस भी 6 घंटे के विलंब से रायगढ़ स्टेशन पहुंची, इससे पूरे दिन इन ट्रेनों के यात्रियों को परेशान होना पड़ा।
उल्लेखनीय है कि यात्री ट्रेनों के लगातार लेट-लतीफी परिचालन से सफर कर रहे यात्री तो परेशान होते ही है, साथ ही प्लेटफॉर्म पर अपनी ट्रेनों का इंतजार कर रहे यात्रियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि रायगढ़ स्टेशन में चल रहे सौंदर्यीकरण के चलते यहां यात्रियों के लिए विश्राम गृह नहीं होने से और परेशानी उठानी पड़ रही है, जिससे उनकी यात्रा और भी कष्टप्रद बन जाती है। ट्रेनों के लगातार बिगड़ते परिचालन से अब यात्रियों का रुझान रेलवे यात्रा से कम होता दिख रहा है। कई यात्री अपनी यात्रा योजनाओं में बदलाव करने को विवश भी हो रहे हैं। हालांकि, छोटे स्टेशनों के यात्री अपने अन्य साधनों से आवागमन कर ले रहे हैं, लेकिन लंबी दूरी के यात्रियों को न चाहते हुए भी इस लेटलतीफी के बीच यात्रा करने को विवश होना पड़ रहा है। रेलवे विभाग द्वारा ट्रेनों को समय पर चलाने के लिए ध्यान न दिए जाने से यह समस्या लंबे समय से बना हुआ है। जिसके चलते अप व डाउन दोनों दिशा की ट्रेने अपने गंतब्य तक घंटों देरी से पहुंच रही है। इससे हर समय यात्री कारण जानने के लिए सहयोग काउंटर पर पहुंच रहे हैं, लेकिन वहां भी सही जानकारी नहीं मिलने से स्टेशन में समय काटना काफी मुश्किल हो रहा है। वहीं शनिवार को विलंब से पहुंचने वाली ट्रेनों में हावड़ा से चलने वाली आजाद हिंद एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से करीब साढ़े चार घंटा देरी से सुबह 10.45 बजे पहुंची थी, इसी तरह हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस साढ़े तीन घंटा देरी से सुबह करीब 11.20 बजे पहुंची। वहीं हावड़ा-पोरबंदर एक्सप्रेस का समय रायगढ़ में सुबह 5.30 बजे जो 6 घंटा देरी से सुबह करीब 11.30 बजे पहुंची। पुरी-ऋषिकेश उत्कल एक्प्रेस अपने निर्धारित समय से तीन घंटा देेरी से दोपहर तीन बजे पहुंची थी। साथ ही समरसता एक्सप्रेस भी दो घंटा देरी से सुबह 9 बजे पहुंची। वहीं डाउन दिशा से चलने वाली ऋषिकेश-पुरी उत्कल एक्सप्रेस करीब 12 घंटा देरी से रात करीब 12.45 बजे तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि यह ट्रेन विगत सप्ताहभर से कभी 8 घंटा तो कभी 10 घंटा देरी से रायगढ़ पहुंच रही है। जिससे इस ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को सुबह 11 बजे से रात के 12 बजे तक स्टेशन में बैठकर समय काटना पड़ रहा है।
अत्यधिक मालगाडिय़ों के चलते दिक्कत
रेलवे विभाग द्वारा यात्री ट्रेनों के परिचालन पर कम और माल ढुलाई को लेकर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। यही कारण है कि यात्री ट्रेनों को अलग-अलग जगहों पर रोककर गुड्स ट्रेनों को छोड़ा जाता है। साथ ही रेलवे सूत्रों की मानें तो ज्यादातर गुड्स ट्रेने लांगहाल बनकर चल रही है, इसके चलते उसका लाइन बदलने में दिक्कत होती है। इससेे यात्री ट्रेनों को रोककर मालगाड़ी को निकाला जाता है। ऐसें में जब तक चौथी लाइन का पूर्ण रूप से निर्माण नहीं हो जाता, तब तक यह समस्या बनी रहने की बात सामने आ रही है।
नहीं मिलती सही जानकारी
रेलवे स्टेशन पहुंचे यात्रियों का कहना था कि सहयोग काउंटर पर ट्रेनों के आने का समय तो लिखा गया था, लेकिन उधर से लेट परिचालन के कारण हर कुछ देर में बढ़ते ही जा रहा था। इसको लेकर हर यात्री यह जानने का प्रयास करते नजर आए कि वास्तव में कितने देर बाद ट्रेन पहुंचेगी, लेकिन इसकी जानकारी किसी के पास नहीं थी, इससे पूरे दिन यात्रियों को परेशान होना पड़ा।



