खरसिया। कैलाश शर्मा। विकासखंड खरसिया की ग्राम पंचायत पतरापाली की एक गली इन दिनों बारिश के मौसम में ग्रामीणों के लिए भारी परेशानी का कारण बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार गली में करीब चार-पांच वर्ष पहले सडक़ का निर्माण कराया गया था, लेकिन सडक़ बनने के इतने वर्षों बाद भी जल निकासी के लिए नाली का निर्माण नहीं कराया गया।
नतीजा यह है कि बारिश का पानी गली में ही जमा हो जाता है और पूरी सडक़ कीचड़ से सराबोर हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि नाली के अभाव में बारिश का पानी सडक़ पर जमा रहता है, जिससे गली में आने-जाने वालों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। स्थिति ऐसी हो जाती है कि लोगों के लिए अपने घरों से बाहर निकलना तक मुश्किल हो जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को उठानी पड़ रही है। सडक़ बनी, लेकिन जल निकासी की व्यवस्था क्यों नहीं? ग्रामीणों का सीधा सवाल है कि जब सडक़ का निर्माण कराया गया था, तो उसके साथ जल निकासी की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? यदि नाली निर्माण आवश्यक था तो चार-पांच साल बीत जाने के बाद भी नाली क्यों नहीं बनाई गई? बारिश के दौरान गली में पानी और कीचड़ जमा होने से सडक़ की स्थिति भी खराब होने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते नाली का निर्माण नहीं कराया गया तो आने वाले समय में सडक़ भी क्षतिग्रस्त हो सकती है।
पंचायत के जिम्मेदारों से ग्रामीणों के तीखे सवाल
ग्रामीण अब ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों से सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर इतनी लंबी अवधि बीत जाने के बाद भी उनकी समस्या का समाधान क्यों नहीं किया गया? क्या ग्राम पंचायत में नाली निर्माण के लिए राशि नहीं आती? यदि राशि आती है तो उसका उपयोग कहां किया जाता है? क्या जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा मौके पर जाकर कामों की जांच की जाती है? क्या निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन होता है? और यदि होता है तो पतरापाली की यह समस्या वर्षों से अधिकारियों की नजर में क्यों नहीं आई? ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर योजनाएं और राशि स्वीकृत होने की बातें तो सामने आती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं के लिए आज भी संघर्ष करना पड़ रहा है।
‘बारिश में घर से निकलना भी मुश्किल’
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दिनों में गली की स्थिति बेहद खराब हो जाती है। पानी जमा रहने के कारण कीचड़ बढ़ जाता है और पैदल चलना मुश्किल हो जाता है। स्कूल जाने वाले बच्चों को कपड़े खराब होने तथा फिसलने का डर रहता है, वहीं बुजुर्गों के लिए इस रास्ते से गुजरना और भी कठिन हो जाता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि ग्राम पंचायत के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर गली का निरीक्षण करें तथा नाली निर्माण की समस्या का तत्काल समाधान कराएं। अब जांच की मांग—कितनी राशि आई, कहां खर्च हुई? ग्रामीणों की मांग है कि पतरापाली में पिछले वर्षों में सडक़ एवं अन्य विकास कार्यों के लिए स्वीकृत राशि, किए गए भुगतान और कार्यों की जमीनी स्थिति की जांच कराई जाए। यदि किसी कार्य के लिए राशि स्वीकृत हुई है तो उसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए और यह भी स्पष्ट किया जाए कि जल निकासी की व्यवस्था अब तक क्यों नहीं की गई। अब देखना होगा कि ग्रामीणों की इस समस्या पर ग्राम पंचायत के सरपंच-सचिव और संबंधित विभाग के अधिकारी कब तक संज्ञान लेते हैं और वर्षों से चली आ रही जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कब होता है।



