सक्ती। सिर्फ छह महीने में एक परिवार से 90 लाख 28 हजार 500 रुपए की ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का सक्ती पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया। आरोपियों ने पीडि़त को सोने का नवनीकरण (गोल्ड रिन्यूअल) और ऋण अवधि बढ़ाने का झांसा देकर उसके पूरे परिवार को आर्थिक जाल में फंसा लिया। परिवार के अलग-अलग बैंक खातों से यूपीआई, नेफ्ट, आरटीजीएस और आईएमपीएस के माध्यम से लाखों रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। पुलिस ने इस मामले में एक महिला और दो पुरुष आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गिरोह से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, थाना बाराद्वार क्षेत्र के ग्राम जेठा निवासी मूलचंद राठौर ने 5 अगस्त 2026 को शिकायत दर्ज कराई कि पेण्ड्रा निवासी रेखा राठौर, पुष्पांजली राठौर, अफरोज खान और सुभाष साहू ने मिलकर उन्हें विश्वास में लिया। आरोपियों ने दावा किया कि वे उनके गिरवी रखे सोने का नवनीकरण करवा देंगे और ऋण की अवधि भी बढ़वा देंगे। इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपियों ने धीरे-धीरे मूलचंद राठौर, उनकी पत्नी फूलबाई राठौर तथा दोनों बेटों सुभाष सिंह राठौर और विनय सिंह राठौर के बैंक खातों से विभिन्न माध्यमों से 90.28
लाख रुपए अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए।
पुलिस जांच में सामने आया कि यह ठगी 31 अक्टूबर 2025 से 5 मई 2026 के बीच लगातार की गई। आरोपियों ने एक साथ बड़ी रकम लेने के बजाय अलग-अलग किश्तों में राशि ट्रांसफर कराई, ताकि किसी को तत्काल संदेह न हो। यही वजह रही कि ठगी का सिलसिला लंबे समय तक चलता रहा।
24 घंटे में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
गंभीर आर्थिक अपराध की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल, एसडीओपी डॉ. भुनेश्वरी पैंकरा के पर्यवेक्षण एवं बाराद्वार थाना प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र यादव के नेतृत्व में गठित टीम ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर तीन आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अधिक पैसे कमाने के उद्देश्य से संगठित योजना बनाई थी और सोना छुड़ाने एवं ऋण अवधि बढ़ाने का झांसा देकर पूरी ठगी को अंजाम दिया।
बीएनएस की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
थाना बाराद्वार में आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 282/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 61(2) एवं 112 के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना की जा रही है। सक्ती पुलिस ने स्पष्ट किया है कि धोखाधड़ी, आर्थिक अपराध, लूट और अन्य संगठित अपराधों में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मामलों में कठोर कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी तथा नागरिकों से भी अपील की गई है कि किसी भी वित्तीय लेन-देन या निवेश संबंधी प्रस्ताव पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।
मामले में ये आरोपी हुए गिरफ्तार
रेखा राठौर (37) पिता जय कुमार राठौर, निवासी निमधा, थाना मरवाही, जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही।
अफ रोज खान (46) पिता गुलशेर खान, निवासी पुरानी बस्ती, पेण्ड्रा।
सुभाष कुमार साहू (34) पिता स्व. बुद्धुराम साहू, निवासी चिंगराजपारा, चांटीडीह, बिलासपुर।
एक अन्य आरोपी पुष्पांजली राठौर की भूमिका की भी पुलिस जांच कर रही है।
कैसे हुई 90 लाख की ठगी?
सोना नवनीकरण और ऋण अवधि बढ़ाने का झांसा दिया।
परिवार का विश्वास जीतकर बैंकिंग प्रक्रिया में शामिल कराया।
अलग-अलग बैंक खातों से रकम ट्रांसफर कराई।
यूपीआई, नेफ्ट, आरटीजीएस और आईएमपीएस का इस्तेमाल किया।
करीब छह महीने में 90.28 लाख रुपये आरोपियों के खातों में पहुंचाए गए।
शिकायत मिलते ही 24 घंटे में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।



