पखांजूर। संसद परिसर में साधु-संतों के भगवा वस्त्रों और संत परंपरा के कथित अपमान के विरोध में सोमवार को पखांजूर में बजरंग दल ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नगर में एकत्र होकर राहुल गांधी और पप्पू यादव के प्रतीकात्मक पुतलों का दहन किया तथा घटना की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम का आयोजन शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से किया गया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि भगवा वस्त्र केवल एक रंग नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, त्याग, तपस्या, सेवा और सनातन परंपरा का प्रतीक है। उनका आरोप था कि संसद परिसर में हुई कथित घटना से संत समाज की गरिमा और करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
विभाग सह संयोजक रोशन बराई ने कहा कि संत-महात्माओं का सम्मान भारतीय संस्कृति की पहचान है और किसी भी प्रकार का अपमान समाज स्वीकार नहीं करेगा। वहीं जिला सह मंत्री निलेश गाईन ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। कार्यक्रम में वक्ताओं ने यह भी कहा कि धार्मिक प्रतीकों और संत समाज के सम्मान की रक्षा प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। साथ ही लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की परंपरा को बनाए रखने का संकल्प भी दोहराया गया। अंत में राहुल गांधी और पप्पू यादव के प्रतीकात्मक पुतलों का दहन कर विरोध प्रदर्शन समाप्त किया गया। इस दौरान प्रांत संयोजक शुभम नाग, विभाग मंत्री अखिलेश चंद्रोल, विभाग सह मंत्री भावेश आरदे, जिला सह संयोजक राहुल सरकार, शिलादित्य मंडल, अनूप बाछड़, मिलन विश्वास, सुमन हालदार, अमित मंडल, सौरभ दास, प्रिंस सिंह, मनीष मंडल, अजय नाग सहित बजरंग दल के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
साधु-संतों के सम्मान और समर्थन में सडक़ों पर उतरा बजरंग दल, पुतला दहन कर जताया विरोध
भगवा और संत परंपरा के मुद्दे पर गरजा बजरंग दल, कार्रवाई की उठी मांग



