रायपुर। प्रदेश के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि विकसित भारत का सपना युवाओं की प्रतिभा, कौशल और नवाचार की शक्ति से ही साकार होगा। उन्होंने कहा कि आज का युग ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था का है, जहाँ केवल डिग्री नहीं, बल्कि सीखने की क्षमता, व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और स्किल सफलता की वास्तविक पहचान हैं। मंत्री श्री चौधरी आज भिलाई स्थित रूंगटा इंटरनेशनल स्किल यूनिर्वसिटी द्वारा आयोजित ङ्कद्बस्र4ड्डह्म्ड्डद्वड्ढद्ध 2.0 ह्रह्म्द्बद्गठ्ठह्लड्डह्लद्बशठ्ठ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर प्रसिद्ध उद्यमी, कंटेंट क्रिएटर एवं लेखक श्री अंकुर वारिकू, रुंगटा समूह के अध्यक्ष श्री संतोष रुंगटा सहित शिक्षाविद, उद्योग जगत के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। अपने संबोधन में वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया और नवाचार आधारित नीतियों ने देश के युवाओं के लिए अभूतपूर्व अवसर उपलब्ध कराए हैं। आने वाला समय जेन-जी का है और यही पीढ़ी विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत बनेगी।
मंत्री श्री चौधरी ने अपने जीवन के संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि रायगढ़ जिले के छोटे से गांव बायंग से लेकर भारतीय प्रशासनिक सेवा और फिर सार्वजनिक जीवन तक का उनका सफर इस बात का प्रमाण है कि सीमित संसाधन कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते। उन्होंने बताया कि बचपन में पिता के निधन के बाद कठिन परिस्थितियों में उनकी माता ने उन्हें बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस दिया। उन्होंने कहा कि बचपन में अपनी माता की पेंशन संबंधी समस्या के समाधान के लिए कलेक्टर कार्यालय जाने का अनुभव उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट बना। उसी दिन उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने का संकल्प लिया और स्वाध्याय, अनुशासन तथा निरंतर प्रयास के बल पर अपने लक्ष्य को प्राप्त किया। वित्त मंत्री ने कहा कि आज की शिक्षा व्यवस्था में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है। युवाओं को अपने भीतर नई-नई स्किल विकसित करनी होगी, बदलते समय के अनुरूप स्वयं को तैयार करना होगा और जीवनभर सीखने की आदत विकसित करनी होगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन, राजनीति, आधुनिक कृषि और निवेश जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में मिली सफलता का आधार निरंतर सीखना और स्वयं को समय के साथ विकसित करना रहा है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि कठिनाइयों को कभी अभिशाप न समझें। संघर्ष ही व्यक्ति को मजबूत बनाता है और बड़े लक्ष्य प्राप्त करने की क्षमता देता है। सफलता उन्हीं लोगों को मिलती है जो चुनौतियों का सामना सकारात्मक सोच के साथ करते हैं। मंत्री श्री चौधरी ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों की तुलना दूसरों से न करें, बल्कि उनकी मौलिक प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आगे बढऩे का अवसर दें। उन्होंने कहा कि दुनिया में असाधारण सफलता उन्हीं लोगों ने प्राप्त की है जिन्होंने पारंपरिक सोच से अलग हटकर नवाचार और रचनात्मकता का मार्ग चुना। कार्यक्रम के अंत में वित्त मंत्री ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि यदि वे ज्ञान, कौशल, नवाचार और सकारात्मक सोच को अपनी ताकत बनाएंगे तो न केवल अपना भविष्य उज्ज्वल करेंगे, बल्कि विकसित भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
देश की प्रगति के केंद्र में युवा, स्किल और नवाचार : वित्त मंत्री
ओपी चौधर ने कहा- डिग्री नहीं, स्किल, व्यक्तित्व और नवाचार तय करेंगे भविष्य



