बिलासपुर। विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के उपमंडल रेलवे अस्पताल, शहडोल में प्रजनन आयु वर्ग (15–49 वर्ष) की महिलाओं के लिए स्तनपान के महत्व पर स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा महिलाओं को स्तनपान से जुड़े वैज्ञानिक तथ्यों से अवगत कराना था। कार्यक्रम में डॉ. अरुणा ने महिलाओं को संबोधित करते हुए बताया कि शिशु के जन्म के तुरंत बाद स्तनपान प्रारंभ करना उसके बेहतर स्वास्थ्य, रोग प्रतिरोधक क्षमता और समुचित विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जन्म से लेकर पहले छह माह तक शिशु को केवल माँ का दूध (अनन्य स्तनपान) ही दिया जाना चाहिए, क्योंकि यही उसके लिए संपूर्ण एवं सर्वोत्तम आहार है।
उन्होंने सही स्तनपान तकनीक, माँ एवं शिशु दोनों के लिए स्तनपान के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य लाभ, संक्रमण से सुरक्षा तथा शिशु के समुचित पोषण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी भी दी। साथ ही माताओं को यह भी बताया गया कि नियमित एवं सही तरीके से स्तनपान कराने से माँ के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपने प्रश्न पूछे, जिनका सरल एवं वैज्ञानिक तरीके से समाधान किया गया। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा इस प्रकार के स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों का नियमित आयोजन किया जा रहा है, जिससे रेलकर्मियों एवं उनके परिवारों के स्वास्थ्य, पोषण और समग्र कल्याण को बढ़ावा मिल सके।
विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर उप मंडल रेलवे अस्पताल शहडोल में स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रम आयोजित



