रायगढ़। अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट की मुख्य शाखा ब्रह्म निष्ठालय बनोरा ने शुक्रवार को अपना 33वां स्थापना दिवस श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया। पीठाधीश्वर पूज्य बाबा प्रियदर्शी राम ने कहा कि जन सहयोग से संचालित यह संस्था 33 वर्षों से पीडि़त मानव की सेवा में समर्पित है। उन्होंने कहा, 1993 में जिन संकल्पों के साथ आश्रम की नींव रखी, आज शिक्षा, चिकित्सा और सेवा के क्षेत्र में वे साकार हो रहे हैं।ष् बाबा ने आह्वान किया कि समाज राष्ट्र निर्माण में सहभागी बने। 4 राज्यों में 11 शाखाएं संचालित है सभी में शिक्षा-चिकित्सा मुहैया कराने का प्रयास किया जाता है
ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों ने कहा कि अघोर गुरु पीठ की 4 राज्यों में 11 शाखाएं हैं। सभी में सेवा कार्य निरंतर जारी है। संस्था पूरी तरह जन सहयोग से चलती है। शिक्षा-चिकित्सा मुहैया कराने के साथ ही ट्रस्ट सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के माध्यम से समाज में जागृति लाने का कार्य कर रहा है। शहर के 40 वर्ष पुराने स्कूल का संचालन ट्रस्ट ने लिया है। ग्रामीण बच्चों के लिए अंग्रेजी मीडियम स्कूल का निर्माण तेजी से चल रहा है। ट्रस्टी त्यागी जी ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की।
वक्ताओं ने की आश्रम के कार्यों को जनहितैषी बताते हुए कार्यों की सराहना करते हुए , बाबा के आशीर्वनो की प्रेरणा दाई बताया।
कार्यक्रम में प्रमुख वक्ताओं ने अपने विचार रखे। ग्राम पंचायत प्रतिनिधि एवं शिक्षाविदों ने कहा किआश्रम राष्ट्र निर्माण में सहभागिता दर्ज करा रहा हैसनातनी धर्म के प्रचार-प्रसार के जरिए समाज में जागृति ला रहा है।बाबा जी के आध्यात्मिक आशीर्वचन समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन रहे हैंवक्ताओं ने आश्रम द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान की सराहना करते हुए इसे मानव जाति के लिए अनमोल धरोहर बताया। उन्होंने कहा कि आश्रम अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन कर रहा है और समाज का भी आश्रम के प्रति दायित्व बनता है। स्थापना दिवस की शुरुआत ष्अघोरा नाम परों मंत्रमष् के उद्घोष के साथ बनोरा गांव में। प्रभात फेरी से पूरी हुई। इसके बाद ध्वज पूजन और आरती हुई। अघोरेश्वर भगवान राम विद्या मंदिर के बच्चों ने मंगलाचरण, स्वागत गीत, स्थापना गीत, ष्सेवा परमो धर्मष् और कृपानुभूति नाटक प्रस्तुत किए। प्रेक्षा भोय कक्षा 5वीं और सौम्या प्रधान कक्षा 9वीं ने ओजपूर्ण भाषण दिया।
डूमरपाली, बनोरा, नवापारा, महापल्ली, बेलेरिया, कुकुरदा, खैरपाली से आए नर्सरी से 8वीं तक के 74 छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क गणवेश एवं कॉपी वितरित की गई। लक्ष्मण शुक्ल मेधा छात्रवृत्ति पाने वाले 14 छात्र में लक्ष्मी भोय – पिता कौशिक भोय छुईपाली -कक्षा 1। – 98:,ऋषभ गुप्ता पिता शिवराज गुप्ता कक्षा 1 – 98:,गौतम चौहानपिता संजय कुमार – बेलेरिया कक्षा 2। 93.60:, रेहान बिंझवर पिता नारायण प्रसाद बिंझवर -बनोरा कक्षा 3तक – 98.50:अथर्व प्रधान’ पिता गुरुदत्त प्रधान बेलेरिया – कक्षा 3तक – 98.50:, कृष्णा गुप्ता पिता देवेंद्र नाथ गुप्ता महापल्ली कक्षा 4जी – 93.00:,आरती साहू पिता कुशल प्रसाद साहू महापल्ली -कक्षा 5जी 93.00:,आर्णवी साहू पिता हीराल साहू बनोरा में कक्षा 6वीं अ 94.22: सिद्धेश्वर साहू पिता बिनोद साहू – बनोरा – कक्षा 6वीं ब – 92.88:,शालिनी सिदार पिता विद्यानंद सिदार महापल्ली कक्षा 7वीं 90.00:,श्रुति मिश्रापिता महेश मिश्रा महापल्ली कक्षा 8वीं – 94.33: अर्पिता विश्वाल पिता प्रदीप विश्वाल – नवापारा -कक्षा 9वीं अ 93.60:, साधना सेठ पिता हरिहर सेठ जामगांव कक्षा 9वीं ब – 92.00:,दिशा गुप्ता पिता राजेश कुमार गुप्ता जामगांव कक्षा 10वीं 96.83: अंक हासिल कर ये सभी छात्र छात्राएं ने अपनी कक्षा में प्रथम स्थान हासिल किया है।
कन्या प्रोत्साहन राशि पाने वाली 14 छात्राएं
लक्ष्मी भोय, सुषमा वैष्णव, मानवी प्रधान, सिमरन प्रधान, आ. प्रधान, भावना यादव, रूपानंद सेठ, आरती साहू, आर्णवी साहू, तमन्ना विश्वाल, शालिनी सिदार, श्रुति मिश्रा, अर्पिता विश्वाल, दिशा गुप्ता। अंत में बाबा प्रियदर्शी राम ने आशीर्वचन में आम जनों से सामाजिक बुराई के परित्याग का आह्वान किया। छात्र छात्राओं को अनुशासन का पाठ भी पढ़ाते हुए कहा सभी को समान भाव से देखे जाने की आवश्यकता है। प्राणों की उपासना का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा मनुष्य के अंदर असिमित शक्तियां है वह उनसे अनजान है आश्रम मनुष्य के अंदर मौजूद आंतरिक शक्ति का बोध कराता है। मनुष्य के लिए चुनौतियां बाहर नहीं बल्कि उसके अंदर है। आश्रम प्रबंधन की ओर से प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वालो सहित सभी भक्तों का आभार व्यक्त किया गया।



