पखांजूर। पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से 94वीं वाहिनी सीमा सुरक्षा बल द्वारा चलाया जा रहा ‘एक पेड़ माँ के नाम’ महाअभियान लगातार दूसरे दिन भी पूरे उत्साह और जनभागीदारी के साथ जारी रहा। वाहिनी के सभी कंपनी ऑपरेटिंग बेस के कार्यक्षेत्र में बड़े पैमाने पर फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया। यह अभियान 94वीं वाहिनी के द्वितीय कमान अधिकारी एवं कार्यवाहक कमांडेंट सुभाष चंदर ढाका के मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण में आयोजित किया गया।
सभी संबंधित कंपनी कमांडरों के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान में बीएसएफ एवं जिला रिजर्व गार्ड के जवानों के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने भी बढ़-चढक़र हिस्सा लिया। ग्राम छोटे बेठिया की सरपंच सविता नायक, कुरेनार के सरपंच निरंगु राम गोटा तथा ग्राम पंचायत पनवार की सरपंच कविता देवी सहित आसपास के गांवों के लगभग 200 ग्रामीण दो दिनों में इस अभियान से जुड़े।
अभियान के पहले दिन 2,400 तथा दूसरे दिन 1,200 फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया। इस प्रकार दो दिनों में कुल 3,600 पौधे लगाए गए। पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए, ताकि आने वाले वर्षों में क्षेत्र अधिक हराभरा, स्वच्छ और पर्यावरणीय रूप से समृद्ध बन सके। इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ केवल पौधरोपण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि मातृ सम्मान, प्रकृति संरक्षण और आने वाली पीढिय़ों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण का संकल्प है। उन्होंने सभी नागरिकों से पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल करने की भी अपील की। ग्रामीणों ने भी लगाए गए पौधों की सुरक्षा और संरक्षण का संकल्प लिया। लगातार दूसरे दिन सफलतापूर्वक चले इस महाअभियान ने पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के साथ ही क्चस्स्न और स्थानीय ग्रामीणों के बीच आपसी विश्वास, सहयोग और जनसंपर्क को भी नई मजबूती प्रदान की।
बीएसएफ ने दो दिन में लगाए 3,600 पौधे
पर्यावरण संरक्षण बना जनआंदोलन, बीएसएफ के महाअभियान में ग्रामीणों की बढ़ी भागीदारी, सीमा की सुरक्षा के साथ प्रकृति की भी रक्षा, बीएसएफ का वृक्षारोपण अभियान जारी



