रायगढ़। रायगढ़ वासियों का दशकों पुराना सपना अब हकीकत बनने की ओर बढ़ चला है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी के रायपुर स्थित निवास पर आज डीपीआर कंसलटेंट टीम ने आत्मीय मुलाकात कर प्रस्तावित रिंग रोड फोर-लेन परियोजना पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। पिछले दिनों ओपी चौधरी ने स्वयं रायगढ़ प्रवास के दौरान प्रस्तावित स्थल का मुआयना किया था, जिसके बाद आज राजधानी में अधिकारियों के साथ इस महत्वाकांक्षी योजना पर गहन चर्चा हुई। ओपी की जीत से रिंग रोड पूरा होने की उम्मीद बंधी थी जो अब ढाई साल पूरा होने के बाद पूरा होने जा रही है। विदित हो कि रिंग रोड रायगढ़ की जनता का सबसे बड़ा सपना रहा है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी की जीत के साथ ही इस सपने के पूरा होने की उम्मीद जगी थी लेकिन ढाई बरस बीतने के बाद लोगों को लगने लगा था कि यह सपना दम तोड़ देगा। अब डीपीआर पर काम शुरू होने और मंत्री द्वारा लगातार मॉनिटरिंग से शहर में खुशी की लहर है। छत्तीसगढ़ गठन के बाद रायगढ़ में औद्योगीकरण की रफ्तार तेज हुई। स्टील, पावर और कोल सेक्टर की बड़ी इकाइयों के कारण भारी वाहनों का दबाव बेतहाशा बढ़ा। शहर के बीच से गुजरने वाले नेशनल हाईवे पर रोजाना जाम और बढ़ती सडक़ दुर्घटनाएं आम बात हो गई हैं। ट्रैफिक का दबाव कम करने और दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए रिंग रोड की मांग लंबे समय से उठ रही थी। दिग्गजों नेताओं के जिले में रिंग रोड का अधूरा सपना पूरा होने जा रहा है। राजनैतिक दृष्टिकोण से रायगढ़ जिला हमेशा सशक्त रहा है। छत्तीसगढ़ गठन के साथ प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री स्व. अजीत जोगी रायगढ़ लोकसभा से सांसद रह चुके हैं। खरसिया विधायक स्व. नंदकुमार पटेल प्रथम गृह मंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहे। रायगढ़ विधायक रहे कृष्ण कुमार गुप्ता स्वास्थ्य मंत्री पत्थलगांव विधायक रामपुकार सिंह और धर्मजयगढ़ विधायक स्व. चनेश राम राठिया भी जोगी कैबिनेट में मंत्री रहे। वहीं भाजपा से बिलासपुर सांसद रहे स्व. दिलीप सिंह जूदेव मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार माने जाते थे और स्व. लखीराम अग्रवाल भाजपा के पितृ पुरुष रहे। कांग्रेस हो या भाजपा, दोनों दलों के शक्तिशाली नेतृत्व के बावजूद रिंग रोड की मांग केवल चुनावी मुद्दा बनकर रह गई और कभी मूर्त रूप नहीं ले सकी। चुनाव के दौरान ओपी चौधरी का यह वादा, अब जमीन पर साकार होता नजर आ रहा हैं।
ओपी चौधरी ने विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान रिंग रोड बनाने का वादा किया था। ढाई साल बाद इस योजना पर गंभीरता से काम शुरू होने से जनता का खोया भरोसा लौटा है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि रिंग रोड से न सिर्फ शहर को जाम से मुक्ति मिलेगी, बल्कि औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी। भारी वाहन शहर के बाहर से निकलेंगे जिससे प्रदूषण और दुर्घटनाओं में कमी आएगी। डीपीआर के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। रायगढ़ की जनता को उम्मीद है कि इस बार ‘फाइलों का रिंग रोड’ नहीं, बल्कि हकीकत का फोर-लेन रिंग रोड बनेगा जो रायगढ़ के विकास की नई ‘अनी’ लिखेगा।
रायगढ़ का दशकों पुराना सपना होगा साकार, रिंग रोड फोर-लेन पर तेज हुई कवायद
ओपी चौधरी ने डीपीआर टीम के साथ किया मंथन



