पखांजुर। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के सफल संचालन, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और शासन की नई व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से विकासखंड कोयलीबेड़ा अंतर्गत बांदे में सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं हाई स्कूलों के संस्था प्रमुखों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक सुपर-60 इंग्लिश मीडियम स्कूल, बांदे कॉलोनी में संपन्न हुई।
बैठक की अध्यक्षता खंड शिक्षा अधिकारी डी.के. शील एवं खंड स्रोत समन्वयक बिप्लव बनर्जी ने की। बैठक में विकासखंड के समस्त संस्था प्रमुख, संकुल समन्वयक एवं केंद्रीय टीम बांदे के सदस्य उपस्थित रहे। अधिकारियों ने नए शिक्षा सत्र के लिए राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित वार्षिक एजेंडा, प्रशासनिक सुधारों तथा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि नए सत्र की शुरुआत ‘शाला प्रवेश उत्सव’ के साथ होगी, जिसके माध्यम से अधिक से अधिक बच्चों का स्कूलों में प्रवेश सुनिश्चित किया जाएगा तथा नए विद्यार्थियों का स्वागत उत्साहपूर्वक किया जाएगा। साथ ही ड्रॉपआउट बच्चों को पुन: स्कूल से जोडऩे और शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस शैक्षणिक सत्र से सभी शासकीय विद्यालयों में शिक्षकों एवं कर्मचारियों की ऑनलाइन/बायोमेट्रिक उपस्थिति तथा ऑनलाइन अवकाश आवेदन प्रणाली को पूरी तरह अनिवार्य किया गया है। सभी संस्था प्रमुखों को निर्देश दिए गए कि इस व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराया जाए। बैठक में विद्यालयों में सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों को मजबूत करने पर भी विशेष बल दिया गया। निर्देश दिए गए कि प्रतिदिन सुबह की प्रार्थना सभा में राष्ट्रगान एवं छत्तीसगढ़ राज्यगीत ‘अरपा पैरी के धार’ का सामूहिक गायन अनिवार्य रूप से कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों में अनुशासन, देशभक्ति और सांस्कृतिक चेतना का विकास हो सके। इसके अलावा यू-डाइस डाटा का समय पर संधारण, इको क्लब का गठन एवं संचालन, स्कूल प्रबंधन समिति का गठन, एफएलएन मिशन, बालवाड़ी शिक्षण, कक्षा शिक्षण की गुणवत्ता, समायोजन शालाओं का संचालन, शैक्षणिक गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग तथा शासन की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। खंड शिक्षा अधिकारी डी.के. शील ने सभी संस्था प्रमुखों को निर्देशित किया कि शासन के सभी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें तथा विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण तैयार करें। उन्होंने कहा कि तीन माह बाद पुन: समीक्षा बैठक आयोजित कर सभी बिंदुओं की प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा और जिन विद्यालयों में कार्यों में कमी मिलेगी, उनसे जवाब-तलब भी किया जाएगा। बैठक के अंत में अधिकारियों ने संस्था प्रमुखों से विद्यालय संचालन में अनुशासन, समयबद्धता, नवाचार और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
स्कूलों में अब डिजिटल निगरानी, बांदे बैठक में अधिकारियों के सख्त निर्देश
नए शिक्षा सत्र की तैयारियां तेज, बांदे में संस्था प्रमुखों को मिला दिशा-निर्देश



