रायगढ़। जिला जेल में दो अलग-अलग बंदियों की तबीयत बिगडऩे के बाद मौत हो गई थी। इसके बाद जेल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे थे। इसी को देखते हुए शुक्रवार को कलेक्टर और एसएसपी ने अचानक जिला जेल पहुंचकर निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने जेल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और बंदियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी। निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने जेल प्रबंधन को व्यवस्था सुधारने और आवश्यक सुविधाएं बेहतर ढंग से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और एसएसपी शशि मोहन सिंह ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था और बंदियों को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली और जरूरी निर्देश भी दिए। इस दौरान सहायक कलेक्टर गोकुल आरके, एडीएम अपूर्व प्रियेश टोप्पो और अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।
कलेक्टर और एसएसपी ने जेल की बैरकों, अस्पताल, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष, प्रिजन कॉलिंग सुविधा, मुलाकात कक्ष और रसोई का निरीक्षण किया। उन्होंने जेल में साफ-सफाई, बंदियों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता, स्वास्थ्य सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाओं का जायजा लिया। साथ ही अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए। अधिकारियों ने कहा कि शासन की ओर से मिलने वाली सभी सुविधाएं हर बंदी तक समय पर, अच्छी गुणवत्ता के साथ और पूरी पारदर्शिता से पहुंचनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिला जेल को सुरक्षित, अनुशासित और बेहतर सुधार व्यवस्था वाली संस्था के रूप में संचालित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। इस काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बंदियों व उनके परिजनों से भी की बातचीत
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर और एसएसपी ने जेल में बंद कैदियों से बातचीत की। उन्होंने उनकी समस्याएं सुनी और उनकी जरूरतों व सुझावों की जानकारी ली। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए कि बंदियों की हर शिकायत का नियमानुसार और जल्द समाधान किया जाए, ताकि उन्हें उनके अधिकार और जरूरी सुविधाएं मिल सकें। इस दौरान अधिकारियों ने मुलाकात कक्ष में आए बंदियों के परिजनों से भी बातचीत कर उनकी बातें सुनी।
अनियमितता की करें शिकायत, होगी कार्रवाई
कलेक्टर और एसएसपी ने बंदियों के परिजनों से कहा कि यदि जेल में मारपीट, अवैध वसूली या किसी भी तरह की गड़बड़ी की जानकारी मिले तो इसकी तुरंत शिकायत करें। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर दोषियों के खिलाफ बिना देरी के सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने जेल प्रबंधन को भी निर्देश दिए कि जेल के अंदर किसी भी तरह की प्रतिबंधित या अवैध सामग्री पहुंचने के सभी रास्तों पर सख्ती से नजर रखी जाए। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र को और मजबूत करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।



