रायपुर। आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत निजी स्कूलों की फीस के भुगतान के लिए केंद्र सरकार ने 339.73 करोड़ रुपए जारी किए हैं। यह पैसा पिछले चार साल से लंबित था। स्कूल शिक्षा विभाग का कहना है कि पहली बार केंद्र सरकार ने आरटीई के लिए एक साथ इतनी बड़ी रकम भेजी है।
आरटीई के तहत निजी स्कूलों में पहली कक्षा में 25 फीसदी सीटें आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों के लिए आरक्षित रहती हैं। इन बच्चों की फीस सरकार देती है। इसमें 60 फीसदी हिस्सा केंद्र सरकार और 40 फीसदी हिस्सा राज्य सरकार देती है। राज्य सरकार अपने हिस्से का भुगतान समय पर करती रही, लेकिन केंद्र से पैसा आने में लगातार देरी हो रही थी। अब शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की पहल के बाद केंद्र ने यह लंबित राशि जारी कर दी है।
समग्र शिक्षा की आयुक्त किरण कौशल ने बताया कि केंद्र से मिले 339.73 करोड़ रुपए शिक्षा विभाग को भेज दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि आरटीई के लिए पहली बार इतनी बड़ी राशि एक साथ मिली है। इसके अलावा पीएबी के तहत भी कई योजनाओं को मंजूरी मिली है।
दूसरे राउंड की एडमिशन प्रक्रिया जारी
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आरटीई के दूसरे राउंड की एडमिशन प्रक्रिया चल रही है। इस साल से सिर्फ कक्षा-1 में ही एडमिशन दिए जा रहे हैं। राज्य के निजी स्कूलों में कक्षा-1 की 21,975 सीटें आरटीई के तहत आरक्षित हैं। पहले राउंड में 13,383 बच्चों को एडमिशन मिला। बची हुई सीटों के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं। पहले राउंड में 369 ऐसे निजी स्कूल रहे, जहां एक भी आवेदन नहीं आया।



