रायपुर। प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (बीटेक) कोर्स में एडमिशन के लिए काउंसिलिंग प्रक्रिया 30 जून से शुरू होगी। तकनीकी शिक्षा संचालनालय (ष्ठञ्जश्व) ने काउंसिलिंग का शेड्यूल जारी कर दिया है। राज्य के 34 इंजीनियरिंग कॉलेजों की करीब 11,514 सीटों पर एडमिशन तीन चरणों में होगा। केडिंडेट्स को हर फेस के लिए अलग-अलग ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इस बार उम्र का दायरा नहीं है। पहले फेस के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 30 जून से 6 जुलाई तक होगा। मेरिट सूची 7 जुलाई को जारी की जाएगी। इस पर 8 जुलाई तक दावा-आपत्ति दर्ज कराई जा सकेगी। सीट आवंटन और रिजल्ट 10 जुलाई को जारी होगा। चयनित अभ्यर्थियों को 11 से 15 जुलाई के बीच संबंधित कॉलेज में प्रवेश लेना होगा। दूसरे फेस के लिए रजिस्ट्रेशन 17 से 21 जुलाई तक होंगे। मेरिट सूची 22 जुलाई को जारी होगी, जबकि 23 जुलाई तक दावा-आपत्ति का मौका मिलेगा। सीट आवंटन और रिजल्ट 25 जुलाई को जारी होगा। प्रवेश प्रक्रिया 26 से 30 जुलाई तक पूरी की जाएगी। अगर दोनों फेस के बाद भी सीटें खाली रहती हैं तो संस्था स्तर पर काउंसिलिंग होगी। इसके लिए 1 से 6 अगस्त तक पंजीयन किए जाएंगे। मेरिट सूची 9 अगस्त को जारी होगी। अभ्यर्थियों को 10 अगस्त सुबह 10 बजे संबंधित संस्था में उपस्थित होना होगा। प्रवेश की प्रक्रिया 13 अगस्त दोपहर 1 बजे तक चलेगी। इसके बाद भी सीटें खाली रहने पर 13 अगस्त दोपहर 1:30 बजे से 14 अगस्त शाम 5:30 बजे तक मेरिट के आधार पर प्रवेश का अवसर दिया जाएगा। एक कोर्स के लिए हर फेस में अभ्यर्थी सिर्फ एक ही ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। अगर छात्र दूसरे फेस की काउंसिलिंग में नई सीट ले लेता है, तो पहले चरण में मिला एडमिशन अपने आप रद्द हो जाएगा। संस्था स्तर की काउंसिलिंग में अभ्यर्थी केवल एक ही संस्था का चयन कर सकेंगे, हालांकि उस संस्था में उपलब्ध सभी शाखाओं (ब्रांच) का विकल्प भर सकेंगे। संस्था स्तर पर आवेदन करने मात्र से पहले लिया गया प्रवेश निरस्त नहीं होगा। नया प्रवेश लेने के बाद ही पुराना प्रवेश स्वत: समाप्त माना जाएगा। तकनीकी शिक्षा संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए मूल निवासी प्रमाण पत्र अनिवार्य रहेगा। इसके बिना प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इस साल प्रवेश प्रक्रिया में उम्र संबंधी प्रतिबंध भी समाप्त कर दिया गया है। पहले इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए अधिकतम आयु सीमा 30 साल थी। अब यह बाध्यता नहीं रहेगी।



