रायगढ़। गौ-वंश संरक्षण, संवर्धन एवं सेवा के क्षेत्र में कार्यरत श्री कृष्ण गौशाला समिति ग्राम पामगढ़, तहसील खरसिया, जिला रायगढ़ को छत्तीसगढ़ गौ-सेवा आयोग द्वारा आधिकारिक रूप से पंजीकृत कर लिया गया है। आयोग द्वारा समिति को पंजीयन प्रमाण पत्र क्रमांक 156 जारी किया गया है, जिससे समिति को छत्तीसगढ़ गौ-सेवा आयोग अधिनियम 2004 की धारा 11 के अंतर्गत विधिवत मान्यता प्राप्त हुई है।
विशेष अवसर पर छत्तीसगढ़ गौ-सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त विशेषर सिंह पटेल तथा आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में श्री कृष्ण गौशाला समिति पामगढ़ के संचालक रामनारायण पटेल को पंजीयन प्रमाण पत्र की प्रति प्रदान की गई। इस दौरान आयोग के अधिकारियों ने गौ-सेवा एवं गौ-संरक्षण के क्षेत्र में समिति द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में और बेहतर कार्य करने के लिए शुभकामनाएं दीं। पंजीयन प्रमाण पत्र दिनांक 27 मई 2026 को आयोग के अध्यक्ष, सचिव एवं रजिस्ट्रार के संयुक्त हस्ताक्षरों से जारी किया गया। यह पंजीयन समिति के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे क्षेत्र में गौ-सेवा गतिविधियों को और अधिक संगठित एवं प्रभावी रूप से संचालित करने में सहायता मिलेगी। समिति के संचालक रामनारायण पटेल ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गौ-सेवा आयोग, अध्यक्ष विशेषर सिंह पटेल तथा समस्त अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मान्यता गौ-माता की सेवा के लिए समर्पित सभी सदस्यों के प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि समिति भविष्य में भी गौ-वंश के संरक्षण, उपचार, संवर्धन एवं सेवा कार्यों को पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और सेवा भावना के साथ आगे बढ़ाती रहेगी।
क्षेत्र में गौ-सेवा को मिलेगा नया विस्तार
श्री कृष्ण गौशाला समिति पामगढ़ के पंजीयन से खरसिया क्षेत्र में गौ-वंश संरक्षण एवं गौ-सेवा कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है। स्थानीय ग्रामीणों, गौ-भक्तों एवं सामाजिक संगठनों ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए समिति के संचालक रामनारायण पटेल एवं पूरी टीम को बधाई दी है। छत्तीसगढ़ गौ-सेवा आयोग के अध्यक्ष विश्वेश्वर सिंह पटेल ने भी आशा व्यक्त की कि समिति गौ-माता की सेवा, संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर जिले और प्रदेश में एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करेगी। आयोग ने विश्वास जताया कि समिति सेवा, समर्पण और पारदर्शिता के साथ गौ-सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाते हुए समाज में सकारात्मक संदेश देने का कार्य करेगी।



