रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। अब छत्तीसगढ़ की बिजली कंपनी में आम लोग भी पैसे लगा सकेंगे। उन्हें शेयर खरीदने का मौका मिलेगा। किसान को धान की जगह दूसरी फसल लगाने पर 15 हजार रुपए प्रति एकड़ मिलेंगे।
रायपुर समेत 4 शहरों में 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को मंजूरी दी गई है। योग अब चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिन होगा। इसके अलावा आज मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की शुरुआत की गई है। इसके जरिए प्रदेश के लोग फोन, वेबसाइट, मोबाइल ऐप या लिखित आवेदन देकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। सरकार का दावा है कि सीएम हेल्पलाइन के जरिए लोगों को शिकायतों के समाधान के लिए बेहतर, पारदर्शी और तुरंत सेवाएं मिल सकेगी।
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को आईपीओ के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड करने की सैद्धांतिक सहमति दी है। इससे आम लोग और निवेशक कंपनी के शेयर खरीद सकेंगे। साथ ही कंपनी की वित्तीय क्षमता और पारदर्शिता को मजबूती मिलेगी। खरीफ-2026 से कृषक उन्नति योजना के नए स्वरूप को मंजूरी दी गई है। धान की जगह दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास जैसी फसलें लेने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपए दिए जाएंगे। योजना का लाभ एकीकृत किसान पोर्टल, एग्रीस्टेक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर मिलेगा।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के पात्र हितग्राहियों को फाइनेंशियल ईयर 2026-27 में भी चना उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को एनईएमएल ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से चना खरीदी की अनुमति दी गई है। अप्रैल से जून 2026 तक की वर्तमान व्यवस्था को भी 3 महीने तक आगे बढ़ाया गया है।
रायपुर समेत 4 शहरों में चलेंगी 240 ई-बसें
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म (पीएसएम) में डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (डीडीएम) की सहमति केंद्र सरकार को भेजने की अनुमति दी गई है। इससे रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में कुल 240 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू हो सकेगा। नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को आपसी सहमति से भूमि खरीद पर दी जा रही स्टाम्प ड्यूटी छूट का समय 31 मार्च 2028 तक बढ़ा दिया गया है। सरकार का कहना है कि इससे भूमि अधिग्रहण और विकास कार्यों में तेज आएगी। कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन और भण्डारण) नियम 2009 में संशोधन को मंजूरी दी है। अब खनिज परिवहन करने वाले वाहनों में क्रस्नढ्ढष्ठ टैग और वाहन ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य होगा। साथ ही खनिजों की ग्रेडिंग और मात्रा निर्धारण के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा। राजस्व में वृद्धि होगी।
अब योग चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन
कैबिनेट ने योग विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन करने का फैसला लिया है। सरकार का मानना है कि योग आयुष प्रणाली का अभिन्न हिस्सा है, इसलिए इससे प्रशिक्षण, शिक्षा और रिसर्च का बेहतर संचालन हो सकेगा।



