रायगढ़। शहर में ईद-उल-अजहा (बकरीद) को लेकर मुस्लिम समाज के लोगों ने पूरी तैयारी कर ली है। कुर्बानी के इस पर्व को लेकर समाज के लोग एक महीने पहले से ही बकरों की खरीद-फरोख्त में जुटे हुए थे। इस दौरान एक से डेढ़ लाख रुपए तक के बकरे खरीदे गए हैं। पंजाब, ओडिशा समेत आसपास के जिलों से भी बकरे मंगाए गए हैं।
ईद के बाद मुस्लिम समाज का दूसरा सबसे बड़ा त्योहार ईद-उल-अजहा होता है। इस बार शहर में महंगे और खास नस्ल के बकरे भी देखने को मिल रहे हैं। बीड़पारा निवासी शानू खान ने बताया कि उन्होंने बकरीद को ध्यान में रखते हुए करीब छह महीने पहले पंजाब से बीटल नस्ल का एक महंगा बकरा मंगाया था। इसके अलावा उन्होंने एक और बीटल नस्ल का बकरा भी खरीदा है। शानू खान के अनुसार, उनके पास इस नस्ल के साथ-साथ अन्य बड़े नस्ल के बकरे भी हैं, जिनकी वे विशेष देखभाल कर रहे हैं। गर्मी को देखते हुए बकरों के लिए कूलर की व्यवस्था की गई है। उनके खान-पान का भी खास ध्यान रखा जा रहा है। बकरों को हरी सब्जियां, चना और पौष्टिक चारा दिया जा रहा है, ताकि वे स्वस्थ रहें।
ओडिशा से बड़े नस्ल के बकरे लाए
बीड़पारा के फैज अहमद ने बताया कि बकरीद को लेकर वे ओडिशा से बकरे लेकर आए हैं। इनमें दो बकरे लगभग 55 से 60 हजार रुपए कीमत के हैं, जो बड़े नस्ल के बकरे हैं। इन बकरों की विशेष रूप से देखरेख की जा रही है। वहीं, नाम नहीं छापने की शर्त पर यह भी बताया गया कि शहर में 1 से डेढ़ लाख रुपए तक के बकरों की भी खरीदारी की गई है। इसके साथ ही 20 से 30 हजार रुपए तक के बकरों की बड़ी संख्या में खरीदारी हुई है। बकरीद के नजदीक आते ही आसपास के क्षेत्रों से बकरों की खरीदारी अभी भी जारी है।
आज मनाया जाएगा त्योहार
बकरीद का त्योहार गुरुवार को मनाया जाएगा। इस अवसर पर घड़ी चौक स्थित ईदगाह में सुबह 8 बजे बकरीद की नमाज अदा की जाएगी। वहीं चांदमारी स्थित शाही ईदगाह में सुबह साढ़े 8 बजे, गांजा चौक स्थित जामा मस्जिद में सुबह 6 बजे, लाल टंकी स्थित नूरी मस्जिद में सुबह 6 बजे, मधुबन पारा स्थित मस्जिद गरीब नवाज में सवा 6 बजे तथा जूटमिल स्थित सुन्नी मक्का मस्जिद में सुबह 7 बजे नमाज अदा की जाएगी।



