रायपुर। सीएम विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में स्क्रैप सामग्री के निस्तारण, कर्मचारी चयन मंडल के पुनर्गठन और सडक़ निर्माण कार्यों में डामर की बढ़ती कीमतों को लेकर राहत देने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
कैबिनेट ने राज्य के विभिन्न विभागों, निगमों, मंडलों, सार्वजनिक उपक्रमों और स्थानीय निकायों में जमा स्क्रैप और अनुपयोगी सामग्रियों के निस्तारण के लिए भारत सरकार की कंपनी मेटल स्क्रैप ट्रेड कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमएसटीसी) के साथ सेलिंग एजेंसी अनुबंध को अगले 3 वर्षों तक बढ़ाने का फैसला लिया है।
यह अनुबंध नवंबर 2019 से लागू है और 31 मई 2026 को खत्म होने वाला था।
सरकार के मुताबिक एमएसटीसी के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के जरिए देशभर के खरीदार ऑनलाइन बोली लगाकर स्क्रैप खरीद सकेंगे। इससे न सिर्फ प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, बल्कि राज्य को बेहतर राजस्व भी मिलेगा। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से विभागों को अलग-अलग टेंडर और विज्ञापन प्रक्रिया नहीं करनी पड़ेगी। इससे प्रशासनिक समय और संसाधनों की बचत होगी, साथ ही कार्यालय परिसरों में स्वच्छता और स्थान प्रबंधन भी बेहतर होगा।
कर्मचारी चयन मंडल अब जीएडी के अधीन
कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल को सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) के अधीन लाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके लिए ‘छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम’ में संशोधन किया जाएगा। सरकार के अनुसार ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल अधिनियम-2026’ लागू होने के बाद पूर्व के व्यापमं का विलय नए कर्मचारी चयन मंडल में हो चुका है। साथ ही उसकी सभी परिसंपत्तियां और देनदारियां भी नए मंडल को ट्रांसफर कर दी गई हैं।
डामर की बढ़ी कीमतों पर ठेकेदारों को राहत
मंत्रिपरिषद ने सडक़ निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाले बिटुमिन (डामर) की कीमतों में हुई अप्रत्याशित वृद्धि को देखते हुए ठेकेदारों को सीमित और आंशिक राहत देने का फैसला लिया है। यह राहत 1 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक लागू रहेगी। सरकार ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत बढऩे से सडक़ निर्माण कार्य प्रभावित होने लगे थे। ऐसे में निर्माण कार्यों की गति बनाए रखने और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए यह फैसला लिया गया है।



