रायपुर। प्रदेश में राष्ट्रीय जनगणना 2027 की तैयारियां चल रही हैं। राज्यभर में मकान सूचीकरण ब्लॉकों (एचएलबी) के गठन और सत्यापन का काम चल रहा है। जिसमें बड़े शहरों और नगर निगम क्षेत्रों की रफ्तार काफी धीमी है। राज्य सरकार की ताजा प्रगति रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में अब तक 60.73 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। कुल 48,742 मकान सूचीकरण ब्लॉकों में से 29,602 ब्लॉकों का सत्यापन और गठन पूरा कर लिया गया है। हालांकि राजधानी रायपुर, रायगढ़, दुर्ग-भिलाई जैसे शहरी जिले इस अभियान में काफी पीछे चल रहे हैं। रायगढ़ नगर निगम सबसे निचले पायदान पर है, जहां सिर्फ 4.65 प्रतिशत काम ही पूरा हो पाया है। वहीं भिलाई नगर में 7.84 प्रतिशत और रिसाली में 8.33 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है। राजधानी रायपुर की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। यहां कुल 1,964 ब्लॉकों में से सिर्फ 203 ब्लॉकों का काम पूरा हो पाया है, यानी महज 10.34 प्रतिशत प्रगति दर्ज हुई है।
जीपीएम ने मारी बाजी, जशपुर-मोहला भी आगे
जहां शहरी इलाके पिछड़ रहे हैं, वहीं आदिवासी और ग्रामीण जिलों ने जनगणना तैयारियों में बाजी मार ली है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिला 100 प्रतिशत काम पूरा कर राज्य में पहले स्थान पर पहुंच गया है। इसके अलावा जशपुर में 99.87 प्रतिशत और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 99.84 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। बेमेतरा में 97.8 प्रतिशत और मुंगेली में 96.52 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री बोले- सटीक जनगणना से पहुंचेगा सुशासन
मुख्यमंत्री साय ने जनगणना कार्य की प्रगति पर संतोष जताया है। उन्होंने कहा कि आगामी जनगणना 2027 के आंकड़े भविष्य की योजनाओं, विकास और जनकल्याणकारी नीतियों की मजबूत नींव बनेंगे। मुख्यमंत्री ने बड़े शहरों और नगर निगम क्षेत्रों में धीमी रफ्तार पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को मैदानी मॉनिटरिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
माइक्रो प्लानिंग से जीपीएम बना नंबर-1
जीपीएम कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने जिले की सफलता का श्रेय स्थानीय प्रगणकों और प्रशासनिक टीम को दिया। उन्होंने बताया कि दुर्गम और आदिवासी क्षेत्र होने के बावजूद माइक्रो प्लानिंग और रोजाना डिजिटल मॉनिटरिंग की मदद से 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया गया।
अधिकांश जिलों में काम शुरू, निगमों पर बढ़ा दबाव
रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के अधिकांश जिलों में आंकड़ा शून्य है। यानी लगभग सभी जगह मैदानी स्तर पर काम शुरू हो चुका है। सिर्फ कबीरधाम के एक ब्लॉक में काम शुरू नहीं हुआ है। अब नगर निगम आयुक्तों और जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि शहरी क्षेत्रों में लंबित कार्यों को तेजी से पूरा करने के लिए विशेष नोडल अधिकारी तैनात किए जाएं।



