रायपुर। स्वास्थ्य सेवायें संचालनालय छत्तीसगढ़ ने प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों और सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षकों को निर्देश जारी कर कहा है कि विशेषज्ञ डॉक्टरों (रूष्ठ/रूस्) की ड्यूटी अनावश्यक रूप से कैजुअल्टी और पोस्टमार्टम कार्यों में न लगाई जाए। संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि शासन के पूर्व आदेशों के अनुसार आपातकालीन सेवाओं में प्राथमिक ड्यूटी एमबीबीएस चिकित्सा अधिकारियों की लगाई जानी चाहिए। जानकारी के अनुसार, अनुबंधित चिकित्सा विशेषज्ञों ने 7 अप्रैल 2026 को आवेदन देकर शिकायत की थी कि जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और मेडिकल कॉलेजों तक में विशेषज्ञ डॉक्टरों को कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर बनाकर ड्यूटी कराई जा रही है। जबकि वे अपने विभागों में पहले से 24&7 ऑन-कॉल सेवाएं दे रहे हैं। डॉक्टरों का कहना था कि संस्थानों में एमीबीबएस बॉन्डेड और नियमित डॉक्टर पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं, जो इमरजेंसी सेवाओं को संभाल सकते हैं। इसके बावजूद विशेषज्ञ चिकित्सकों को सामान्य कैजुअल्टी कार्यों में लगाने से उनकी विशेषज्ञ सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। आवेदन में यह भी कहा गया कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की क्षमताओं का समुचित उपयोग नहीं होने से मरीजों को विशेषज्ञ उपचार समय पर नहीं मिल पा रहा। साथ ही विभागीय कार्य से दूर रहने के कारण विशेषज्ञों के क्लीनिकल स्किल्स के विकास पर भी असर पड़ रहा है, जिसका दीर्घकाल में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। संचालनालय ने अपने पत्र में शासन के आदेश क्रमांक एफ-1-36/2016/17-1 दिनांक 19 दिसंबर 2019 का उल्लेख करते हुए कहा कि नियमों के अनुसार विशेषज्ञ चिकित्सक सामान्यत: केवल ‘ऑन-कॉल’ ड्यूटी करेंगे। वहीं चिकित्सा अधिकारी जिला एवं सिविल अस्पतालों के आपातकालीन चिकित्सा कक्ष में रहकर सेवाएं देंगे। निर्देश में यह भी कहा गया है कि 24 घंटे की इमरजेंसी ड्यूटी के लिए पहले संस्थान में उपलब्ध चिकित्सा अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाए। आवश्यकता पडऩे पर डिस्पेंसरी में पदस्थ डॉक्टरों की सेवाएं ली जाएं। स्वास्थ्य संचालनालय ने बताया कि 23 दिसंबर 2019 को भी सभी जिलों को नियम पालन के निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद कई जगहों पर एमबीबीएस डॉक्टर उपलब्ध होने के बाद भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की कैजुअल्टी ड्यूटी लगाई जा रही है। अब संचालनालय ने सभी अधिकारियों को शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और इसकी पालन रिपोर्ट शीघ्र भेजने के निर्देश दिए हैं।



