रायपुर। जीएसटी चोरी के मामले में वस्तु-सेवा कर खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई) की टीम ने कंस्ट्रक्शन मटेरियल सप्लायर रोहन तन्ना को गिरफ्तार किया है। उस पर 27.80 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी का आरोप है। करीब तीन महीने की लंबी जांच के बाद अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए उसे दोबारा जेल भेज दिया है। ष्ठत्रत्रढ्ढ की जांच में सामने आया कि रू/ह्य सृष्टि कंस्ट्रक्शन नामक फर्म के जरिए बिना किसी वास्तविक माल की आपूर्ति के फर्जी बिल जारी किए जा रहे थे। इन बोगस बिलों के माध्यम से अवैध रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लिया जा रहा था और उसे अन्य फर्मों को ट्रांसफर किया जा रहा था। इस पूरे नेटवर्क के जरिए सरकार को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान पहुंचाया गया। 3 महीने पहले चंदन को पकड़ा था टीम ने मामले में पहले ही मुख्य आरोपी चंदन गुप्ता को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। जांच में यह भी सामने आया कि चंदन गुप्ता ने ही रोहन तन्ना को इस फर्जीवाड़े में शामिल किया था। दोनों मिलकर फर्जी फर्मों के जरिए टैक्स चोरी कर रहे थे। ष्ठत्रत्रढ्ढ अधिकारियों के मुताबिक सृष्टि कंस्ट्रक्शन के जरिए करीब 17.18 करोड़ रुपए का अवैध ढ्ढञ्जष्ट लिया गया। वहीं 10.62 करोड़ रुपए की फर्जी आईटीसी दूसरी फर्मों को पास की गई। यह पूरा मामला ष्टत्रस्ञ्ज एक्ट 2017 की धारा 16 और 132 का उल्लंघन है। इन धाराओं के तहत यह अपराध गंभीर, संज्ञेय और गैर-जमानती माना जाता है। कारोबारी रोहन तन्ना पिछले तीन महीनों से जीएसटी अधिकारियों को चकमा दे रहा था, लेकिन आखिरकार टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। रोहन तन्ना पहले भी साल 2021 में 7 करोड़ रुपए की जीएसटी चोरी के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। उस समय वह जमानत पर बाहर आया था, लेकिन फिर से इसी तरह के अपराध में लिप्त पाया गया। फिलहाल ष्ठत्रत्रढ्ढ की टीम इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों और फर्मों की जांच में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।



