रायगढ़। नगर पंचायत के दावों में भले ही विकास गंगा की तरह बह रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत में वार्ड नंबर 3 और 4 के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। यहां का बोरवेल पिछले कई महीनों से खराब पड़ा है, लेकिन जिम्मेदारों की नींद शायद ‘मिनरल वाटर’ पीकर ही खुलती है।
हालत ये है कि नलों से पानी नहीं, हवा निकल रही हैकृऔर वो भी कभी-कभार! महिलाएं और बच्चे रोजाना पानी के जुगाड़ में किलोमीटरों की दूरी तय कर रहे हैं, मानो कोई फिटनेस चौलेंज चल रहा हो। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायतें कई बार की गईं, आवेदन दिए गए, लेकिन नगर पंचायत के कानों में शायद अब भी ‘सूखा’ ही पड़ा है। व्यंग्य की बात ये है कि कागजों में हर घर जल पहुंच चुका है, लेकिन हकीकत में हर घर ‘जल की तलाश’ में है।
अब सवाल ये उठता है कि क्या जिम्मेदारों के नल में पानी आने का इंतजार किया जा रहा है, या फिर जनता को ही ‘रेन डांस’ करके अपनी प्यास बुझानी पड़ेगी?
सुखे नलों से कैसे बुझे सुखे कंठ की प्यास
घरघोड़ा के दो वार्डो में पानी के लिये त्राहीमाम!, बोर बंद होनें से जनता हलाकान



