सारंगढ़। आग बरसाती गर्मी में महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती विभा अवस्थी का आगमन सारंगढ़ रेस्ट हाउस में हुआ, जहां महिला मोर्चा के पदाधिकारी व जिपं के महिला सभापति, महिला सदस्यों की उपस्थिति रही। इस तपते दोपहरी में प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी ने पत्रकार द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर सधे हुए शब्दों में दी। इस तपती दोपहरी में आपके आगमन का कारण विभा ने बताया कि – मैं नारी समाज की मुखिया होने के दायित्व को पूरा करने के लिए आपके शहर में, जिला महिला मोर्चा के जिला अध्यक्ष श्रीमती वैजयंती नंदू लहरे के सुपुत्री के विवाह में सम्मिलित होने के लिए आयी हूं क्यों कि- वह मेरी भी बेटी जैसी है एक मुखिया के नाते गत दिनों मेरी एक आवाज से नारी शक्ति वंदन बिल पास न होने पर रायपुर में निकाली गई नारी शक्ति रैली में 30 हजार से अधिक महिलाओं ने रायपुर आकर इस रैली में सम्मिलित हुई। एक मुखिया के नाते श्रीमती बैजयंती नंदू लहरे के निवास बिटिया रानी को आशीर्वाद देने आयी हूं। विभा ने कहा कि – मुखिया मुख सो चाहिए खान-पान को एक, इस दायित्व का निर्वहन कर रही हूं।
इस दौरान श्रीमती शिवकुमारी अनिल साहू, रागनी केशरबानी, भगवंतीन के साथ साथ अन्य नारी शक्ति की उपस्थिति रही। विभा अवस्थी ने बताया कि भारत लोकतंत्र की जननी है। भारत के पास इस सफर में एक नया पहलू जोडऩे का मौका था। हम देश की आधी आबादी को नीति – निर्धारण की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाने के लिए यह नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाए थे। मोदी ने सभी सांसदों से आग्रह किया था कि – वे इस मौके को हाथ से न जाने दें। हम सब मिलकर देश को एक नई दिशा देने के लिए तैयार थे। यह भारत की नारी शक्ति के लिए एक महायज्ञ था। हमें विश्वास था कि इस महायज्ञ का नतीजा न केवल राजनीति भविष्य बल्कि देश की दिशा व दशा को तय करेगा लेकिन, स्वार्थी विपक्ष जिसने 30 साल तक राजनीतिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में हमारी महिलाओं की भागीदारी देने में देरी की, वहीं एक बार फिर इस देश की महिलाओं को निराश किया है। उन्होंने देश को निराश किया। अपनी राजनीतिक जमीन बचाने की बेचैनी में, ढ्ढहृष्ठढ्ढ ्रद्यद्यद्बड्डठ्ठष्द्ग का स्वार्थ एक बार फिर सामने आया और महिलाओं के हितों को एक बार फिर दरकिनार कर दिया गया।
विभा अवस्थी ने पत्रकार के प्रश्नों का जवाब देते हुए कहीं कि – हमारी दादी ने इसका इंतजार किया था। हमारी माताओं ने इसकी उम्मीद की थी। हमारी बहन बेटियों ने इस क्षण का इंतजार किया था। कांग्रेस और उसके साथियों ने आपकी बेटियों को और 30 साल इंतज़ार करवाया यह सीटों के बारे में नहीं है। भारतीय नारी की इज्ज़त के बारे में है जो आखिरकार लोकतंत्र के मंदिर तक पहुँच रही है। हमें इस विषय को लेकर स्पष्ट होना चाहिए कि -विपक्ष ने क्या होने से रोका है। उन्होंने सबसे ऊँचे स्तर पर भारतीय महिलाओं के पॉलिटिकल रिप्रेजेंटेशन को कमज़ोर किया है। उन्होंने हमारे देश की महिलाओं को टेबल पर सीट मिलने से रोककर अपने राजनैतिक स्वार्थ की रक्षा की। यह कोई राजनीति विषय नहीं था। ऐसा कभी नहीं होना था। विपक्ष ने जो किया है, वह देश के सबसे ऊँचे पद पर बैठी महिला के लिए अपनी नफऱत व तिरस्कार को सबके सामने ला दिया है और शीर्ष नेतृत्व में नीति निर्धारण करने वाली भूमिका में महिलाओं की काबिलियत पर शक करने की और अपनी महिलाओं से घृणा करने वाली सोच को खुलेआम दिखाया है। जिस का परिणाम विपक्ष पार्टी 4 मई को देख लेगी, क्योंकि मेरा विश्वास है प.बंगाल और दक्षिण भारत में भाजपा प्रचंड बहुमत से विजयी होगी।
विभा ने कहा कि – हमें आभास तो था कि- विपक्ष ऐसा ही कुछ करेगा, कांग्रेस पार्टी ने पारंपरिक रूप से साफ़ महिला विरोधी रुख बनाए रखा है, जो उसके पुराने साथी, मौलवियों से प्रेरित है। प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने मुस्लिम महिला के पीठ में छुरा घोंपा जब उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश को पलट दिया, जिसमें मुस्लिम पुरुषों को अपनी पत्नियों को गुजारा भत्ता देना जरूरी था। मौलानाओं ने हंगामा किया और राजीव गांधी जल्दी से पीछे हट गए। इस बड़े अन्याय को भी नरेंद्र मोदी को ठीक करना पड़ा, जब शाहबानो मामले को पलटने के भूत आखिरकार दफना दिया गया, क्योंकि – एनडीए सरकार ने ट्रिपल तलाक पर बैन लगा दिया। आज वही कांग्रेस पार्टी उसके पिछलग्गु नेताओं ने महिलाओं के प्रतिनिधित्व व बराबरी के मुद्दे को एक बड़ा झटका दिया है वहीं विपक्ष हमेशा इस बिल के समर्थन में होने का दिखावा करता रहा है। हर बार वे कहते थे इसके समर्थन में हैं, लेकिन, किंतु, परंतु होता है। इस बिल का विरोध करने के लिए वे हमेशा कोई न कोई टेक्निकल बात उठाते हैं, फिर वही किया। इस बार उन्होंने एकजुट भारतीय परिवार में फूट, मनमुटाव और शक पैदा करने के अपने एजेंडे के पीछे छिपने की कोशिश की है। सही मायने में कहां जाए तो कनक कनक ते सौ गुनी मादकता अधिकाय वा खाए बौराए जग जो खाए बौराए। विपक्ष इसी नीति पर आगे बढ़ रही है। विपक्ष के लिए, महिला अधिकार, आरक्षण महज मजाक एवं राजनीति सुविधा की बात है।
विभा ने बताया कि 2014 में जब प्रधानमंत्री मोदी केंद्र में आए, तो भारतीय महिलाएं बहुत बुरी हालत में थीं। वे खुले में शौच करने के लिए मजबूर थी। उनके पास गैस सिलेंडर नहीं थे पानी की सप्लाई नहीं थी। घरों की कमी के कारण करोड़ों भारतीय परिवार खुले में सोने को मजबूर थे। महिलाएं बैंकिंग सिस्टम से जुड़ी नहीं थीं और न ही उनके पास फॉर्मल क्रेडिट तक पहुंच थी। यह सब मोदी ने किया। 16 अप्रैल की वह स्याह रात जब आधी आबादी की बिल पास ना हुई तो प्रदेश महिला मोर्चा द्वारा रायपुर में जबर्दस्त रैली निकाली गई और विपक्ष में बैठी पार्टियों को इस बात का जानकारी भी दे दिया गया की महिला जननी, पालनकर्ती और संहारकारणी भी है जो 4 मई के परिणाम में स्पष्ट हो जायेगी। पत्रकार के प्रश्नों का उत्तर देते हुए विभा ने कहा कि – जब मोदी सरकार ने यह पक्का करने की कोशिश की कि – इस देश की ज़मीनी स्तर से उठती महिलाओं को देश की संसद और विधान सभाओं में उनकी सही जगह मिले, तो विपक्ष ने एक बार फिर इसे पटरी से उतार दिया। वे इसे टेक्निकल बातों से समझाने की कोशिश कर सकते हैं लेकिन सच तो यह है कि भारतीय महिलाओं की तरक्की के मकसद को बहुत बड़ा झटका लगा है। इस देश की महिलाएं उन लोगों को कभी माफ़ नहीं करेगी जिन्होंने ऐसा किया। हमारे लिए यह कभी भी राजनीतिक क्रेडिट लेने की बात नहीं थी। बल्कि हमने पूरी संसद से सपोर्ट मांगा था। हमने विपक्ष से वादा किया था कि वे इस कदम का पूरा क्रेडिट ले सकते हैं क्योंकि हम असल सशक्तिकरण चाहते थे। हम अपनी माताओं, बहनों और बेटियों की भलाई, उनके उत्थान और उनके अधिकारों और सम्मान को पक्का करने के लिए समर्पित है। यह हमारे लिए राजनीति नहीं है। यह भारत माता व नारी शक्ति की सेवा में एक सिद्धांतों वाला नज़रिया है।महिला विरोधी ताकतें आज भले ही जीत गई हों, लेकिन महिलाओं के लिए हमारा समर्पण विपक्ष की सत्ता की भूख से ज्यादा मज़बूत है।हमारे साथ करोड़ों महिलाओ का आशीर्वाद है, जो भारत की महिलाओं को उनका हक दिलाने के हमारे सफऱ में हमारा मार्गदर्शन और साथ देगा। पप्पू यादव कितना भी कोसे कांग्रेस को छग से कोई महिला नहीं मिली इसीलिए पप्पू यादव की पत्नी को राज्यसभा सदस्य बनाया। कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे प्रधानमंत्री मोदी को आतंक वादी कहता है जो उनकी निम्न मानसिकता को दर्शाता है। राहुल गांधी जो बार-बार यही बात कहता है लडक़ी है लड़ सकती है लेकिन इनकी भी पार्टी इन महिलाओं के लिए मौका परस्त निकली। विभा जी मोदी जी का नारी शक्ति वंदन, साय का महतारी वंदन इस पर आप कुछ कहना चाहेगीं अंत में मैं यही कहना चाहूंगी यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमंते तत्र देवता।
नारी शक्ति वंदन में विपक्ष ने आधी आबादी के साथ किया धोखा -विभा
नारी हेतु आवास, शौचालय, राशन कार्ड से ऑपरेशन सिंदुर तक मोदी की देन - विभा अवस्थी



