रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में ईसाई धर्म के प्रचार के लिए फॉरेन फंडिंग के इस्तेमाल का खुलासा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में पता चला है कि अमेरिका से आए पैसों का इस्तेमाल बस्तर और धमतरी में धार्मिक गतिविधियों के विस्तार में की गई। यहां करीब 7 करोड़ खर्च हुए हैं।
यह मामला एक ऐसे संगठन से जुड़ा है, जो ईसाई धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए काम करता है। इस खुलासे के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है। इसे लेकर अब राजनीति शुरू हो गई है। भाजपा सांसद संतोष पांडेय ने इसमें कांग्रेसियों के शामिल होने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने भाजपा सरकार के सरंक्षण में पैसों के ट्रांजेक्शन की बात कही।
इस मामले में मिकाह मार्क नाम के विदेशी नागरिक को बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन ब्यूरो ने ईडी के लुकआउट सर्कुलर के आधार पर हिरासत में लिया। उसके पास से 24 विदेशी डेबिट कार्ड बरामद किए गए हैं, जिनके जरिए भारत में कैश निकाला जा रहा था।
ईडी ने 18 और 19 अप्रैल को देशभर में 6 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया। जांच में सामने आया कि अमेरिका के टूइस्ट बैंक से जुड़े विदेशी डेबिट कार्ड भारत लाकर अलग-अलग राज्यों के एटीएम से बार-बार नकदी निकाली जा रही थी। ऐसा कर नियामकीय व्यवस्था और वित्तीय निगरानी तंत्र को चकमा दिया जा रहा था।
करीब 7 करोड़ छत्तीसगढ़ में हुए खर्च
जांच एजेंसी के मुताबिक, नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच करीब 95 करोड़ रुपए विदेशी डेबिट कार्ड के जरिए भारत लाए गए। अमेरिकी एजेंसी की ओर से जारी करीब 6.5 करोड़ रुपए छत्तीसगढ़ के इलाकों में खर्च किए गए हैं। वहीं लेन-देन का रिकॉर्ड रखने के लिए ऑनलाइन बिलिंग और अकाउंटिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसे कथित तौर पर विदेश से ऑपरेट किया जा रहा था।
‘द टिमोथी इनिशिएटिव’ संगठन का पूरा नेटवर्क
यह पूरा मामला ‘द टिमोथी इनिशिएटिव’ नामक संगठन और उससे जुड़े लोगों से जुड़ा है। यह संगठन ईसाई धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए काम करता है। ईडी के अनुसार, यह संगठन एफसीआरए के तहत पंजीकृत नहीं है, फिर भी विदेशी फंडिंग का इस्तेमाल गतिविधियों के संचालन में किया जा रहा था।
कांग्रेस के लोग शामिल-बीजेपी
बीजेपी सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में भूपेश बघेल ने ईडी पर प्रतिबंध लगाया था। वो नहीं चाहते थे कि किसी भी मामले में जांच हो। सूरजुराम टेकाम से लेकर समेत कई नाम सामने आए हैं। कांग्रेस पार्टी इसलिए ईडी जांच से बचती थी। ग्रामीणों इलाकों में आदिवासियों के बीच गतिविधियां फॉरेन फंडिंग से चलती थी। नक्सलियों के बीच कांग्रेसियों का नेटवर्क था, आने वाले समय में और खुलासा होगा।
बीजेपी सरकार के कार्यकाल में हुई फंडिंग -कांग्रेस
वहीं, कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि इस मामले में 2024-25 में पैसे का ट्रांजेक्शन हुआ है, इस समय भाजपा सरकार रही है। इसी दौरान धर्मांतरण के मामले भी बढ़ें। विदेशी नागरिकों की गतिविधियां बढ़ी। बीजेपी बौखला कर कांग्रेस पर आरोप लगा रही है। सरकार को जवाब देना चाहिए।
डेबिट कार्ड, कैश-दस्तावेज जब्त
छापेमारी में ईडी ने 25 विदेशी डेबिट कार्ड, 40 लाख रुपए नकद, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, डिजिटल सबूत और अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। एजेंसी का कहना है कि यह एक संगठित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क हो सकता है। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है।

नक्सली इलाकों में विदेशी फंडिंग हुई है। ईडी ने खुलासा किया है, आगे और इस मामले की जांच की जाएगी, जो भी जरूरी होगी आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री छ.ग. शासन



