रायगढ़। लोकसभा-विधानसभा में महिलाओं को 33प्रतिशत आरक्षण देने वाले नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को पारित कराने वाली मोदी सरकार के समर्थन में तथा कांग्रेस द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम के खिलाफ राजधानी रायपुर में भाजपा महिला मोर्चा ने महिला आक्रोश रैली’ निकालकर जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया।जिला महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती मधुलता पटेल एवं जिला महामंत्री श्रीमती रेखा महमियां ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले से 500 से अधिक महिला कार्यकर्ता बसों व निजी वाहनों से सुबह 9 बजे रायपुर पहुंचीं। हाथों में तख्तियां, चेहरे पर आक्रोश और जुबां पर एक ही नारा था बहुत हुआ महिलाओ का अपमान, अब नहीं सहेगा हिंदुस्तान। इनडोर स्टेडियम से सुभाष स्टेडियम तक तक निकले कमल नाद’ और विरोध के स्वर ने कांग्रेस के चेहरे को बेनकाब कर दिया। रास्ते भर महिलाएं कांग्रेस का दोहरा चरित्र नहीं चलेगा, महिला बिल लटकाया किसने- कांग्रेस ने, ‘मोदी है तो मुमकिन है’ के गगनभेदी नारे लगा रही थीं। रैली में आदिवासी वेशभूषा में आई महिलाएं, स्वयं सहायता समूह की दीदियां, कॉलेज छात्राएं और वरिष्ठ मातृशक्ति एक साथ नजर आई।
जिलाध्यक्ष मधुलता पटेल का संबोधन
राजभवन के सामने सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष मधुलता पटेल ने कहा आज राजधानी में आयोजित आक्रोश रैली में रायगढ़ से सभी महिला जनप्रतिनिधि गण पदाधिकारी बहनें शामिल हुई। कांग्रेस ने 70 साल तक महिला आरक्षण बिल को संसद की अलमारी में सडऩे दिया। जब मोदी जी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पास कर इतिहास रच दिया, तो अब कांग्रेस ‘श्रेय लेने’ और ‘भ्रम फैलाने’ की नौटंकी कर रही है। हम पूछना चाहते हैं 2008 में राज्यसभा से बिल पास करवाकर लोकसभा में आपने क्यों लटकाया? क्योंकि कांग्रेस कभी नहीं चाहती कि गरीब, आदिवासी, ओबीसी की बेटी सांसद-विधायक बने।
उन्होंने आगे कहा, ‘आज हमारी रायगढ़ जिले की 500 बहनें इसलिए सडक़ पर आक्रोश व्यक्त कर रही हैं क्योंकि कांग्रेस महिला आरक्षण में जातिय जनगणना का पेंच’ फंसाकर फिर से बिल को 20 साल लटकाना चाहती है। हम चेतावनी देते हैं छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति कांग्रेस का यह ढोंग बर्दाश्त नहीं करेगी।’
महामंत्री रेखा महमियां ने गिनाईं सौगातें
जिला महामंत्री रेखा महमियां ने कहा, ‘मोदी सरकार ने सिर्फ बिल पास नहीं किया, बल्कि उज्ज्वला, मातृ वंदना, लखपति दीदी, ड्रोन दीदी, 33त्न पुलिस भर्ती, सुकन्या समृद्धि देकर महिलाओं को आर्थिक आजादी दी। कांग्रेस बताए उसने 60 साल में महिला के नाम पर नारों के सिवाय क्या दिया। रायगढ़ में विगत दिनों महिलाओं के हक़ की बात की लेकर कांग्रेस ने जो प्रेस वार्ता आयोजित की , उसमें खुद एक महिला नेत्री को स्थान नहीं मिला। ये महिला विरोधी इनका असली चेहरा है।’ आक्रोश रैली के दौरान प्रमुख मांगो में कांग्रेस द्वारा महिला आरक्षण पर फैलाए जा रहे भ्रम पर रोक लगाई जाने की मांग शामिल है । वही नारी शक्ति वंदन अधिनियम को जल्द से जल्द लागू कर 2029 लोकसभा में 33त्न सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाने की बात दोहराई गई। कांग्रेस शासन में महिलाओं पर हुए अत्याचारों की श्वेत पत्र जारी हो।





