रायपुर। सोशल मीडिया से शुरू हुआ लेंसकार्ट विवाद की राजधानी रायपुर में भी एंट्री हो गई है. ड्रेस कोड के विरोध में धर्म जागरण समिति की सह संयोजिका भारती वैष्णव ने कार्यकर्ताओं के साथ लेंसकार्ट शोरूम पहुंचकर जय श्री राम के नारे लगाए और कर्मचारियों को नाम पूछने के बाद टीका लगाया. इस दौरान स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई कि अगर कोई कंपनी हिंदू विरोधी कृत्य करती है तो उसका विरोध किया जाएगा.
धर्म जागरण समिति की सह संयोजिका भारती वैष्णव ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि मालिक कहता है लेंसकार्ट में काम करने वाला कर्मचारी न तिलक, न कलेवा बांध सकता है और न ही जनेव धारण कर सकता है, लेकिन महिला अगर मुस्लिम धर्म की हैं तो उन्हें हिजाब धारण करने की स्वकृति है. इसका हम विरोध करते हैं.
कंपनी दे चुकी है सफाई (रुद्गठ्ठह्यद्मड्डह्म्ह्ल ष्टशठ्ठह्लह्म्श1द्गह्म्ह्य4) इस पूरे विवाद के बीच कंपनी पहले ही अपनी सफाई दे चुकी है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी बयान में कंपनी ने कहा कि हमने आपकी बात सुनी है. साफ़-साफ़ और खुले तौर पर. पिछले कुछ दिनों में हमारे समुदाय और ग्राहकों ने अपनी बात रखी है और हमने उसे ध्यान से सुना है. आज हम अपने ‘इन-स्टोर स्टाइल गाइड’ को मानकीकृत (स्टैंडर्डाइज़) कर रहे हैं और इसे पूरी पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक रूप से साझा कर रहे हैं.
कंपनी ने आगे स्पष्ट किया कि गाइडलाइंस स्पष्ट रूप से और बिना किसी दुविधा के हमारे टीम के सदस्यों द्वारा अपनाए जाने वाले हर धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीक का स्वागत करती हैं- जैसे बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब, पगड़ी और भी बहुत कुछ. इन्हें अपवाद के रूप में नहीं, बल्कि हमारी पहचान के हिस्से के रूप में स्वीकार किया जाता है. कंपनी ने यह भी कहा कि यदि किसी कर्मचारी या व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो इसके लिए उसे खेद है. साथ ही यह आश्वासन दिया गया कि भविष्य में सभी नीतियां समानता और सम्मान के सिद्धांतों पर आधारित होंगी.
हिंदू संगठन ने लेंसकार्ट का चश्मा तोडक़र किया विरोध
शॉप के भीतर घुसकर कर्मचारियों को लगाया टीका



