सक्ती। सक्ती जिले में हुए वेदांता प्लांट हादसे में मौत का आंकड़ा बढक़र 23 तक पहुंच गया है। पिछले 24 घंटे में 3 और घायल मजदूरों ने दम तोड़ दिया। हादसे में कुल 36 मजूदर झूलसे थे। 13 घायलों का इलाज अभी जारी है। घटना की शुरूआती जांच में लापरवाही सामने आने पर वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत 10 लोगों के खिलाफ डभरा थाने में एफआईआर दर्ज हुई है। इस कार्रवाई पर उद्योगपति नवीन जिंदल ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि जांच से पहले अनिल अग्रवाल का नाम एफआईआर में शामिल करना गंभीर चिंता का विषय है। पहले घटना की जांच होनी चाहिए, सबूतों के आधार पर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
24 घंटे में 3 घायल मजदूरों की मौत
शनिवार को रायपुर के कालड़ा हॉस्पिटल में 2 घायलों की इलाज के दौरान जान चली गई। इनमें उमेंद्र शाह और मध्यप्रदेश के रहने वाले किस्मत अली शामिल है। वहीं, शुक्रवार को रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में एडमिट बंगाल के मजदूर सुब्रोतो जेना (80-90 प्रतिशत झुलसे) ने भी दम तोड़ दिया था।
जांच में सामने आई लापरवाही
औद्योगिक सुरक्षा विभाग की जांच में सामने आया कि बॉयलर फर्नेस के अंदर ज्यादा मात्रा में फ्यूल जमा हो जाने के कारण तेज प्रेशर बना। दबाव के कारण बॉयलर का निचला पाइप अपनी निर्धारित स्थिति से हट गया। जिस वजह से ब्लास्ट हुआ। एफआईआर की रिपोर्ट में भी यही कारण बताया गया है। जांच में यह भी पाया गया कि मशीनों के रखरखाव और संचालन में लापरवाही बरती गई। एसपी के निर्देश पर एएसपी पंकज पटेल के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई है, जो पूरे मामले की जांच कर रही है।
उद्योगपति नवीन जिंदल ने उठाए सवाल

उद्योगपति नवीन जिंदल ने अनिल अग्रवाल पर एफआईआर होने पर सवाल उठाए। उन्होंने एक्स पर लिखा कि पहले घटना की जांच होनी चाहिए और सबूतों के आधार पर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। जब सरकारी कंपनियों या रेलवे में घटनाएं होती हैं, तो क्या हम चेयरमैन का नाम लेते हैं? नहीं। यही मानक निजी क्षेत्र पर भी लागू होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने घटना पर दुख जताया।



