जशपुर/पत्थलगांव। तहसील के अंतर्गत ग्राम डोंगीदरहा (इंजको) में आज आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। अवसर था संगीतमय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के भव्य शुभारंभ का, जिसकी शुरुआत क्षेत्र में निकली एक विशाल और भव्य कलश शोभायात्रा के साथ हुई।कथा वाचक पंडित बालकृष्ण पाण्डे एवं यज्ञ आचार्य पंडित तुलसी दुबे का भव्य स्वागत किया गया।
इस संगीतमय श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह धार्मिक आयोजन की गरिमा तब और बढ़ गई जब कोरबा जिले के करतला ब्लॉक अंतर्गत ग्राम उमरेली निवासी प्रखर कथा वाचक पंडित बालकृष्ण पाण्डे स्वयं इस शोभायात्रा में सम्मिलित हुए। ग्रामीणों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। शोभायात्रा के दौरान पंडित जी के सानिध्य में श्रद्धालु भक्ति भाव में सराबोर नजर आए। उनके आगमन से पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है और श्रद्धालुओं में कथा श्रवण को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।
केसरिया साडिय़ों में उमड़ा जनसैलाब
कथा के प्रथम दिन आयोजित इस शोभायात्रा में भारी संख्या में महिला श्रद्धालु शामिल हुईं। सिर पर मंगल कलश धारण किए, पीले और केसरिया वस्त्रों में सजी महिलाएं जब गांव की गलियों से गुजरीं, तो पूरा वातावरण ‘जय श्री कृष्णा’ और ‘राधे-राधे’ के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों की थाप पर श्रद्धालु झूमते-गाते कथा स्थल तक पहुँचे। कलश यात्रा के पश्चात विधि-विधान से कथा स्थल पर कलश स्थापना की गई, जिसके साथ ही सात दिवसीय ज्ञान यज्ञ का प्रारंभ हुआ।
सात दिनों तक बहेगी ज्ञान की गंगा
आयोजन समिति ने बताया कि पंडित बालकृष्ण पाण्डे के मुखारविंद से अगले सात दिनों तक श्रीमद्भागवत महापुराण की अमृत वर्षा होगी। पंडित जी अपनी सुमधुर वाणी से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन करेंगे, जिससे क्षेत्र के लोगों को आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होगा। कोरबा जिला के करतला ब्लॉक के ग्राम उमरेली के विद्वान कथा वाचक पंडित बालकृष्ण पाण्डे जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।पारंपरिक वेशभूषा में सजी कलशधारी महिलाएं एवं पुष्प वर्षा और जयकारों से गूँजता ग्राम डोंगीदरहा।पंडित बालकृष्ण पाण्डे जी के मुखारविंद से कथा श्रवण करने के लिए केवल डोंगीदरहा ही नहीं, बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों के श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंच रहे हैं। आयोजन समिति ने सभी धर्मप्रेमियों से इस ज्ञान गंगा में डुबकी लगाने की अपील की है। इस श्रीमद्भागवत कथाके भव्य कलश यात्रा में ग्राम डोंगीदरहा (इंजको) सहित आसपास के गांवों के गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।



