रायगढ़। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के आपसी समन्वय से आज एक बाल विवाह को रोका गया। रायगढ़ विकासखंड के एक गांव में नाबालिग बालक के विवाह की तैयारी चल रही थी, जिसे समय रहते प्रशासन की सतर्कता से सफलतापूर्वक रूकवाया गया।
विश्वस्त सूत्रों से जिला स्तर के अधिकारियों को जानकारी प्राप्त हुई थी कि उक्त ग्राम में बालक की आयु विवाह योग्य (21 वर्ष) न होने के बावजूद 3 अप्रैल 2026 को बारात ले जाने की तैयारी की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सूचना मिलते ही जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के नेतृत्व में तत्काल पुलिस विभाग के सहयोग से एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। गठित टीम आज संबंधित ग्राम पहुंची और बालक के जन्मतिथि से संबंधित शैक्षणिक एवं अन्य दस्तावेजों की गहन जांच की गई। जांच के दौरान पाया गया कि बालक की वर्तमान आयु 20 वर्ष 05 माह है, जो कि विवाह हेतु निर्धारित कानूनी आयु (21 वर्ष) से कम है। मौके पर बालक के परिजनों को बाल विवाह के कानूनी दुष्परिणामों और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों के बारे में विस्तार से समझाइश दी गई। इसी दौरान बालिका पक्ष और उनके परिजन भी वहां पहुंचे, उन्हें भी कानून की जानकारी देते हुए समझाइश दी गई। विभाग की समझाइश के बाद दोनों पक्षों ने अपनी गलती स्वीकार की और सहमति जताई कि जब तक बालक की आयु 21 वर्ष पूर्ण नहीं हो जाती, तब तक वे विवाह संपन्न नहीं करेंगे। मौके पर ही परिजनों से औपचारिक घोषणा पत्र एवं राजीनामा पत्र भरवाया गया। इस संयुक्त कार्यवाही में ग्राम के सरपंच सहित जिला बाल संरक्षण अधिकारी, परियोजना अधिकारी (बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी), पुलिस विभाग के प्रतिनिधि, संरक्षण अधिकारी, विधिक सह परिवीक्षा अधिकारी, सेक्टर पर्यवेक्षक एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मुख्य रूप से उपस्थित थे। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई होने के साथ-साथ कानूनी अपराध भी है। यदि कहीं भी इस प्रकार की गतिविधि की जानकारी मिले, तो तत्काल संबंधित विभाग या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।
समझाइश के बाद दोनों पक्षों ने 21 वर्ष तक विवाह टालने का लिया संकल्प
बाल विवाह पर प्रशासन सख्त, बालक की रुकवाई शादी



