रायगढ़। महापौर जीवर्धन चौहान ने आज नगर पालिक निगम रायगढ़ के वर्तमान परिषद के द्वितीय बजट सत्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया। बजट में शहर के समग्र विकास, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण एवं नागरिक सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी गई है।
प्रस्तुत बजट के अनुसार निगम की कुल आय 480 करोड़ 36 लाख रुपए आंकी गई है, जबकि कुल व्यय 458 करोड़ 11 लाख 79 हजार रुपए प्रस्तावित है। इस प्रकार निगम ने 22 करोड़ 24 लाख 21 हजार रुपए की बचत का लक्ष्य निर्धारित किया है।
राजस्व मद में 92 करोड़ 74 लाख रुपए की आय तथा 85 करोड़ 49 लाख 74 हजार रुपए का व्यय प्रस्तावित है। वहीं पूंजीगत मद में 387 करोड़ 62 लाख रुपए की प्राप्तियां एवं 372 करोड़ 62 लाख 5 हजार रुपए का व्यय निर्धारित किया गया है। सम्मेलन में पार्षदगण एवं जनप्रतिनिधिगण द्वारा किए गए निगम के बजट से संबंधित किए गए प्रश्न एवं जिज्ञासा को शांत करने कमिश्नर बृजेश सिंह क्षत्रिय ने विस्तार से जानकारी दी। इससे पूर्व सभापति डिग्री लाल साहू के अनुमति से निगम सचिव आर एन पटेल द्वारा परिषद की विशेष सम्मेलन में प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। परिषद की विशेष सम्मेलन में एमआईसी सदस्यगण, पाषर्दगण, जनप्रतिनिधिगण, उपायुक्त सुतीक्षण यादव, कार्यपालन अभियंता अमरेश लोहिया, निगम के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
संपत्तिकर यथावत रखने पर बनी आम सहमति
विशेष सम्मेलन के द्वितीय प्रस्ताव के रूप में संपत्ति कर को यथावत रखने संबंधित एजेंडा रखा गया। इसमें बताया गया कि वर्ष 2018-19 से लेकर 2025-26 तक कलेक्टर गाइडलाइन दरों में किसी प्रकार की वृद्धि नहीं हुई है। साथ ही, छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 133 के अंतर्गत राज्य शासन द्वारा संपत्तिकर में वृद्धि किए जाने संबंधी कोई आदेश भी प्राप्त नहीं हुआ है। एजेंडा को सर्वसम्मति से पारित किया गया।
पिछले वर्ष के कार्यों का उल्लेख
बजट अभिभाषण में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रस्तावित अधिकांश विकास कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं, जबकि शेष कार्य प्रगति पर हैं एवं कुछ के लिए निविदा प्रक्रिया जारी है। पिछले वर्ष सडक़ों, नालियों, पुल-पुलिया निर्माण, जलमार्ग, पानी टंकी, सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था, चौक-चौराहों के सौंदर्यीकरण एवं खेल मैदानों के विकास जैसे अनेक महत्वपूर्ण कार्य कराए गए हैं।
डिजिटल सुविधा की पहल
नागरिकों की सुविधा हेतु जोहार रायगढ़ -चैट बोट ऐप प्रारंभ किया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी समस्याएं एवं सुझाव भेजकर उनका निराकरण की सुविधा ले सकते हैं।
वर्ष 2026-27 के प्रमुख प्रस्तावित कार्य
आगामी बजट में शहर के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें बालसमुंद तालाब का उन्नयन एवं विकास, कोसाबाड़ी केंद्र से ऑक्सीजोन निर्माण, नगर निगम क्षेत्र में 10 सडक़ों का निर्माण, डिवाइडर, नाली, फुटपाथ एवं चौक-चौराहों का सौंदर्यीकरण, कबीर चौक सहित प्रमुख मार्गों का उन्नयन एवं विकास, चांदनी चौक से राजा महल होते हुए सर्किट हाउस तक सडक़ उन्नयन, पाइपलाइन, लाइटिंग एवं गार्डन कार्य, बड़े रामपुर में खेल मैदान का विकास, संजय मार्केट का निर्माण एवं उन्नयन, रामलीला मैदान में मंच एवं पवेलियन निर्माण, भुजबंधान तालाब का संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण, केवड़ाबाड़ी में मरीन ड्राइव नाला चैनलाइजेशन, रायगढ़ स्टेडियम में हाईमास्ट लाइट,अमलीभौना में ट्रक पार्किंग एवं सर्विस एरिया निर्माण शामिल है।
रायगढ़। महापौर जीवर्धन चौहान ने आज नगर पालिक निगम रायगढ़ के वर्तमान परिषद के द्वितीय बजट सत्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया। बजट में शहर के समग्र विकास, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण एवं नागरिक सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी गई है।
प्रस्तुत बजट के अनुसार निगम की कुल आय 480 करोड़ 36 लाख रुपए आंकी गई है, जबकि कुल व्यय 458 करोड़ 11 लाख 79 हजार रुपए प्रस्तावित है। इस प्रकार निगम ने 22 करोड़ 24 लाख 21 हजार रुपए की बचत का लक्ष्य निर्धारित किया है।
राजस्व मद में 92 करोड़ 74 लाख रुपए की आय तथा 85 करोड़ 49 लाख 74 हजार रुपए का व्यय प्रस्तावित है। वहीं पूंजीगत मद में 387 करोड़ 62 लाख रुपए की प्राप्तियां एवं 372 करोड़ 62 लाख 5 हजार रुपए का व्यय निर्धारित किया गया है। सम्मेलन में पार्षदगण एवं जनप्रतिनिधिगण द्वारा किए गए निगम के बजट से संबंधित किए गए प्रश्न एवं जिज्ञासा को शांत करने कमिश्नर बृजेश सिंह क्षत्रिय ने विस्तार से जानकारी दी। इससे पूर्व सभापति डिग्री लाल साहू के अनुमति से निगम सचिव आर एन पटेल द्वारा परिषद की विशेष सम्मेलन में प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। परिषद की विशेष सम्मेलन में एमआईसी सदस्यगण, पाषर्दगण, जनप्रतिनिधिगण, उपायुक्त सुतीक्षण यादव, कार्यपालन अभियंता अमरेश लोहिया, निगम के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
संपत्तिकर यथावत रखने पर बनी आम सहमति
विशेष सम्मेलन के द्वितीय प्रस्ताव के रूप में संपत्ति कर को यथावत रखने संबंधित एजेंडा रखा गया। इसमें बताया गया कि वर्ष 2018-19 से लेकर 2025-26 तक कलेक्टर गाइडलाइन दरों में किसी प्रकार की वृद्धि नहीं हुई है। साथ ही, छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 133 के अंतर्गत राज्य शासन द्वारा संपत्तिकर में वृद्धि किए जाने संबंधी कोई आदेश भी प्राप्त नहीं हुआ है। एजेंडा को सर्वसम्मति से पारित किया गया।
पिछले वर्ष के कार्यों का उल्लेख
बजट अभिभाषण में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रस्तावित अधिकांश विकास कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं, जबकि शेष कार्य प्रगति पर हैं एवं कुछ के लिए निविदा प्रक्रिया जारी है। पिछले वर्ष सडक़ों, नालियों, पुल-पुलिया निर्माण, जलमार्ग, पानी टंकी, सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था, चौक-चौराहों के सौंदर्यीकरण एवं खेल मैदानों के विकास जैसे अनेक महत्वपूर्ण कार्य कराए गए हैं।
डिजिटल सुविधा की पहल
नागरिकों की सुविधा हेतु जोहार रायगढ़ -चैट बोट ऐप प्रारंभ किया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी समस्याएं एवं सुझाव भेजकर उनका निराकरण की सुविधा ले सकते हैं।
वर्ष 2026-27 के प्रमुख प्रस्तावित कार्य
आगामी बजट में शहर के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें बालसमुंद तालाब का उन्नयन एवं विकास, कोसाबाड़ी केंद्र से ऑक्सीजोन निर्माण, नगर निगम क्षेत्र में 10 सडक़ों का निर्माण, डिवाइडर, नाली, फुटपाथ एवं चौक-चौराहों का सौंदर्यीकरण, कबीर चौक सहित प्रमुख मार्गों का उन्नयन एवं विकास, चांदनी चौक से राजा महल होते हुए सर्किट हाउस तक सडक़ उन्नयन, पाइपलाइन, लाइटिंग एवं गार्डन कार्य, बड़े रामपुर में खेल मैदान का विकास, संजय मार्केट का निर्माण एवं उन्नयन, रामलीला मैदान में मंच एवं पवेलियन निर्माण, भुजबंधान तालाब का संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण, केवड़ाबाड़ी में मरीन ड्राइव नाला चैनलाइजेशन, रायगढ़ स्टेडियम में हाईमास्ट लाइट,अमलीभौना में ट्रक पार्किंग एवं सर्विस एरिया निर्माण शामिल है।
विकास के कार्यों के लिए पर्याप्त प्रावधान – सभापति
सभापति डिग्री लाल साहू ने बजट को संतुलित एवं जनहितैषी बताते हुए कहा कि नगर निगम का यह बजट आय-व्यय के संतुलन के साथ तैयार किया गया है, जिसमें शहर के सर्वांगीण विकास कार्यों के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं। परिषद की मंशा है कि प्रत्येक वार्ड में समान रूप से विकास कार्य हों और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलें। बजट में पार्षदों के सुझावों को प्रमुखता से शामिल किया गया है। शहर सरकार इस बजट को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अंत में निगम द्वारा प्रस्तुत बजट को सदन के समक्ष रखा गया तथा लेखाधिकारी को वित्तीय आंकड़ों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने हेतु अधिकृत किया गया।
कई काम शुरू नहीं होने का आरोप
नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया ने कहा कि पिछले बजट के कई काम अभी तक शुरू नहीं हुए हैं। इस दौरान महापौर और नेता प्रतिपक्ष के बीच तीखी नोक-झोंक भी हुई। साथ ही वरिष्ठ भाजपा पार्षद आशीष ताम्रकार और शरद सराफ ने निगम अधिकारियों पर मनमाने तरीके से काम करने का आरोप लगाया। सलीम नियारिया ने कहा कि पिछले साल के बजट को इस बार फिर से पेश किया गया है। बजट में शामिल 80 प्रतिशत काम केवल कागजों में हुए हैं, धरातल पर अब तक कुछ नहीं हुआ। इसमें फोरलेन सडक़, मल्टीलेवल पार्किंग, हॉस्टल, सामुदायिक भवन, अंतरराज्यीय बस स्टैंड जैसे कई बड़े काम शामिल हैं।
संपत्ति कर से ज्यादा यूजर चार्ज ले रहे
पार्षद शरद सराफ ने जिंदल से लिए जा रहे टैक्स पर सवाल उठाए और सेठ किरोड़ीमल धर्मादा ट्रस्ट की व्यावसायिक संपत्ति से कर लेने का सुझाव दिया। नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेसियों ने कहा कि शहर सरकार ने टैक्स में छूट का वादा किया था, लेकिन अब संपत्ति कर से ज्यादा यूजर चार्ज वसूला जा रहा है। बजट की घोषणाएं सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गई हैं।



