रायगढ़। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव एवं जिला शाखा रायगढ़ के अध्यक्ष अभयशंकर गौरहा ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि पेंशनरों की लंबित 3त्न डी आर, पेंशन व्यवस्था में सुधार आदि अनेक समस्याओं को लेकर विगत 23 मार्च को भारतीय राष्ट्रीय पेंशनर्स महासंघ जिला रायगढ़ की आवश्यक बैठक चक्रधर नगर स्थित अभियंता भवन में आयोजित की गई। जिसमें पेंशनरों ने सरकार से लंबित 3त्नमहंगाई राहत धारा 49/6को समाप्त करने तथा पेंशन व्यवस्था में सुधार की मांग रखी। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ पेंशनर नरेशचंद्र स्वर्णकार ने की।बैठक में प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव, प्रदेश महामंत्री गोल्हानी तथा प्रदेश संगठन मंत्री टीपी सिंह सहित राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य परमेश्वर स्वर्णकार तथा अन्य पदाधिकारियों तथा सदस्यों ने अपने – अपने विचार व्यक्त किए।
प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने अपने संबोधन में महासंघ की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि रायपुर में सेंट्रल प्रोसेसिंग सेल तथा पेंशन संचालनालय की स्थापना महासंघ के सतत प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महासंघ की मांग पर पेंशनरों एवं कर्मचारियों के लिए केशलेश चिकित्सा सुविधा प्रारंभ करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। जिसके आदेश शीघ्र जारी होने की संभावना है। उन्होंने आगे मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000की धारा 49 (6)को शीघ्र विलोपित करने केंद्र के समान 3त्नमंहगाई राहत देने कम्यूटेड राशि की कटौती 11 वर्षों में समाप्त करने तथा सभी संभाग एवं जिलों में पेंशन कार्यालय करने की मांग उठाई।
कार्यक्रम का संचालन जिला सचिव कमल नंदे तथा कार्यक्रम में उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं सभी सदस्यों का आभार प्रदर्शन जिलाध्यक्ष अभयशंकर गौरहा एवं उपाध्यक्ष खुशीराम मेहर द्वारा किया गया। पेंशनर्स महासंघ के कार्यशैली से प्रभावित होकर प्रभु दयाल पटवा डमरुधर पटेल, साहेब राम पटेल आदि ने महासंघ की आजीवन सदस्यता ग्रहण की। जिनका पुष्पाहार एवं बैच धारण कराकर संघ द्वारा स्वागत किया गया। बैठक में दिलीप कुमार घोष, बृजमोहन अग्रवाल, शेषाचार्य तिवारी, एस के गाहीरे, एस के लाम्बट, श्रीमती सरिता गुप्ता, भरतलाल स्वर्णकार, उपेन्द्र दास बैरागी, सीपी नामदेव तथा विभिन्न विभागों के साथियों ने अपनी सहभागिता निभाई।
भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ द्वारा 3 प्रतिशत मंहगाई राहत की मांग



