रायगढ़। तमनार क्षेत्र के ग्राम आमाघाट में अफीम की खेती मामले में तमनार पुलिस ने कल रात आरोपी मार्शल संगा निवासी खूंटी झारखण्ड हाल मुकाम ग्राम आमाघाट थाना तमनार के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। साथ ही 60 हजार 326 अफीम के पौधे जब्त किया गया है। जब्त अफीम के पौधे की कीमत करीब 2 करोड़ 5 लाख 10 हजार रूपये बताई जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार 19-20 मार्च की रात्रि तमनार पुलिस को मुखबीर से सूचना मिली कि ग्राम आमाघाट खर्राघाट भैर नाला किनारे में स्थित भूमि पर मार्शल संगा निवासी ग्राम हड़म बनम थाना खूंटी जिला खूंटी झारखण्ड हाल मुकाम ग्राम आमाघाट थाना तमनार के द्वारा अवैध अफीम की खेती किया गया है। सूचना पर थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को मुखबीर सूचना से अवगत कराया गया। एसएसपी शशि मोहन सिंह द्वारा (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) को कार्यवाही हेतु निर्देशित कर थाना प्रभारी पूंजीपथरा, लैलूंगा को भी स्टाफ के साथ मौके पर रवाना किया गया, पुलिस टीम द्वारा कल को ही ग्राम आमाघाट जाकर रेड कार्यवाही किया गया, रेड कार्यवाही के दौरान खेत में काम करने वाले दो व्यक्ति मौके से फरार हो गये, एक व्यक्ति मिला जिससे नाम पता पूछने पर अपना नाम मार्शल संगा पिता मिखएल संगा उम्र 40 वर्ष निवासी ग्राम हड़म बनम थाना खूंटी जिला खूंटी झारखण्ड हाल मुकाम आमाघाट थाना तमनार जिला रायगढ़ का रहने वाला बताया, मौके पर दो खेतों में अफीम का फसल लगा हुआ मिला।
मार्शल संगा से पूछताछ करने पर उसने बताया कि इस खेती के संबंध में उसके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं है तथा उसके साथ जिला खूंटी झारखण्ड के रहने वाले ’इमानवेल भेंगरा व सीप्रियन भेंगरा’ को अपने साथ लेकर आया था और उन लोगों के मदद से अवैध रूप से अफीम की खेती कर रहे थे।
रेड कार्यवाही के पश्चात् मौके पर आबकारी के टीम, एफएसएल की टीम, कृषि विभाग की टीम एवं राजस्व विभाग की टीम को मौके पर उपस्थित हेतु बताने पर सभी अधिकारी कर्मचारी मौके पर उपस्थित आये, एफएसएल की टीम के द्वारा परीक्षण कर फसल के पौधे को अफीम होना बताया गया। पूछताछ के दौरान मार्शल संगा ने अपने मेमोरण्डम कथन में फसल से निकाले गये अफीम को छुपाकर अपने घर में रखना बताया, जिसके आधार पर उसके निवास (ससुराल) आमाघाट में जाकर चेक किया गया, तब इसके द्वारा एक पॉलिथीन में अफीम निकालकर पेश किया जिसका वजन 3.02 किलोग्राम (कीमत 15 लाख 10 हजार रूपये) होना पाया गया जिसे मामले में जप्त किया गया है। मामले के फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मिलने के सभी सम्भावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
ड्रोन से रखी जा रही मादक खेती पर कड़ी नजर

जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती के विरुद्ध प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग शुरू कर दिया है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देशन में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) घरघोड़ा दुर्गा प्रसाद अधिकारी एवं सीएसपी मयंक मिश्रा के संयुक्त नेतृत्व में घरघोड़ा और तमनार क्षेत्र में वृहद ड्रोन सर्वे अभियान संचालित किया गया। इस संयुक्त कार्रवाई में राजस्व विभाग, पुलिस विभाग और कृषि विभाग की टीमों ने समन्वित रूप से काम करते हुए संदिग्ध क्षेत्रों की पहचान की और ड्रोन के माध्यम से खेतों की बारीकी से निगरानी की। इस आधुनिक तकनीक के जरिए दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों तक भी प्रशासन की पहुंच सुनिश्चित हुई, जिससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। ड्रोन सर्वे के साथ-साथ राजस्व विभाग के पटवारियों और कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों ने संबंधित गांवों में मौके पर पहुंचकर खेतों में उतरकर सघन निरीक्षण किया। इस दौरान घरघोड़ा तहसील के बैहामुडा, भेंगारी, पाकादरहा, पानीखेत तथा तमनार तहसील के आमापाली, राबो, गढग़ांव एवं हराडीह में व्यापक स्तर पर जांच-पड़ताल की गई। अभियान के दौरान अधिकारियों ने किसानों को जागरूक करते हुए स्पष्ट किया कि अवैध मादक पदार्थों की खेती कानूनन अपराध है और इसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वैकल्पिक वैध फसलों को अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) दुर्गा प्रसाद अधिकारी ने बताया कि जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती पर पूरी तरह रोक लगाने के उद्देश्य से यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। आने वाले समय में भी ड्रोन सर्वे के साथ सघन जांच और निगरानी की कार्रवाई तेज की जाएगी, ताकि किसी भी स्थिति में इस तरह की अवैध गतिविधियों को पनपने का अवसर न मिले। प्रशासन की इस पहल को क्षेत्र में कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने और युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



