जांजगीर-चांपा। मध्य-पूर्व क्षेत्र में बढ़ते तनाव, खासकर ईरान और इराक के बीच हालात खराब होने की खबरों के बीच अब इसका असर भारत सहित अन्य देशों में भी देखने को मिल रहा है। गैस आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के चलते बाजार में एलपीजी सिलेंडरों को लेकर मांग बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल और गैस आपूर्ति बाधित होती है, तो इसका सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है। यही कारण है कि जांजगीर-चांपा जिले समेत कई जगहों पर गैस सिलेंडर की कृत्रिम कमी और जमाखोरी जैसी स्थितियां बन रही हैं।
उल्लेखनीय है कि जिला मुख्यालय जांजगीर व चांपा सहित जिलेभर में पहले से ही घरेलू गैस के दुरुपयोग की शिकायतें सामने आ रही थीं। वहीं अब अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का हवाला देकर कुछ लोग गैस की कालाबाजारी को और बढ़ावा दे रहे हैं। यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो आम उपभोक्ताओं को गैस के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है और जरूरत के समय सिलेंडर मिलना भी मुश्किल हो सकता है। उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा घरेलू गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए जाने के बावजूद जिले में कालाबाजारी का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। जांजगीर व चांपा शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में कई होटल, ढाबों और मिठाई दुकानों में खुलेआम घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है, जिससे प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार, घरेलू उपयोग के लिए निर्धारित एलपीजी सिलेंडर का व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद कुछ व्यवसायी नियमों को दरकिनार कर घरेलू सिलेंडरों का उपयोग कर रहे हैं, जिससे न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान हो रहा है, बल्कि आम उपभोक्ताओं को भी गैस की उपलब्धता में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई स्थानों पर यह गतिविधि लंबे समय से चल रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे कालाबाजारी करने वालों के हौसले बुलंद हैं।
तो गंभीर हो सकती है स्थिति
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्ती नहीं की गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह सुरक्षा की दृष्टि से भी खतरनाक हो सकता है। ऐसे सिलेंडरों का गलत तरीके से उपयोग दुर्घटनाओं को भी आमंत्रित कर सकता है। जिले के लोगों ने जिला प्रशासन से अवैध रूप से घरेलू गैस का उपयोग करने वालों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। साथ ही यह भी मांग की है कि होटल व ढाबों में नियमित जांच और निगरानी हो। वहीं दोषियों पर जुर्माना एवं लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाए।



