रायगढ़। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अदाणी फाउंडेशन की ओर से बजरमुड़ा में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें तमनार क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आई महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए खेलकूद प्रतियोगिताओं और पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की शुरुआत म्यूजिकल चेयर, मटकी फोड़ और फुगड़ी जैसी प्रतियोगिताओं से हुई। कुर्सी दौड़ प्रतियोगिता में कुंजेमुरा की श्रीमती बिलासिनी राठिया ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बांजीरखोल की श्रीमती गुरुवारी भगत द्वितीय तथा मिलूपारा की श्रीमती लक्ष्मीन बरेठ तृतीय स्थान पर रहीं। सराईटोला की श्रीमती कीर्ति राठिया चतुर्थ और सीतापुर की श्रीमती कुसुम जाहिरे पाँचवें स्थान पर रहीं।
वहीं, मटकी फोड़ प्रतियोगिता में सराईटोला की श्रीमती इंदु राठिया ने प्रथम स्थान हासिल किया। मिलूपारा की श्रीमती कविता चंद्रा द्वितीय, गारे की श्रीमती जमुना डनसेना तृतीय, रोडोपाली की श्रीमती कांति यादव चतुर्थ तथा मड़वाडुमर की श्रीमती श्यामा बाई पाँचवें स्थान पर रहीं। फुगड़ी प्रतियोगिता में कुंजेमुरा की श्रीमती बिलासिनी राठिया ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। मिलूपारा की श्रीमती संतोषी सिदार द्वितीय, हिंझर की श्रीमती शकुंतला तृतीय, सराईटोला की श्रीमती कीर्ति राठिया चतुर्थ तथा पाता की श्रीमती उसिला चौहान पाँचवें स्थान पर रहीं। सभी विजेताओं को कार्यक्रम में पुरस्कृत किया गया। इन प्रतियोगिताओं ने महिलाओं में उत्साह के साथ-साथ आपसी सहयोग और मित्रता की भावना को भी मजबूत किया। कार्यक्रम के दौरान सुआ नृत्य प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें पाँच टीमों ने भाग लिया। स्थानीय महिलाओं ने पारंपरिक लोकनृत्य की आकर्षक प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया। सभी टीमों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक और संसदीय सचिव श्रीमती सुनीति सत्यानंद राठिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद सदस्य श्रीमती नंदनी मनोज राय ने की। इस अवसर पर श्रीमती संतोषी गणेश राठिया, श्रीमती गंगा बंशीधर चौधरी, श्रीमती अमेरिका महेतर राठिया, श्रीमती उमावती संतोष बहेरा, श्रीमती सुशिला तानसिंग पटेल, श्रीमती नानकुंवर यादलाल नायक, श्रीमती उत्तरा कुंवर अरुण राय और श्रीमती गणेशी वेदराम राठिया सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थीं।
इस अवसर पर अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, राजनीति, विज्ञान, कला और खेल सहित हर क्षेत्र में प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। महिला दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि उन संघर्षों और त्यागों को याद करने का अवसर भी है, जिनकी बदौलत महिलाओं ने समाज में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। आयोजकों ने बताया कि अदाणी फॉउंडेशन की ओर से इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
अदाणी फाउंडेशन के आयोजन में ग्रामीण महिलाओं ने दिखाई प्रतिभा
खेल प्रतियोगिताओं और सुआ नृत्य में बढ़-चढक़र लिया हिस्सा, विजेताओं को किया गया सम्मानित



