बिलासपुर। एसईसीएल के सतर्कता विभाग की अगुवाई में साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) में पीएफ-पेंशन विभाग एवं कोयला खान भविष्य निधि संगठन (सीएमपीएफओ) के संयुक्त प्रयासों से अप्रैल 2025 से अब तक पीएफ एवं पेंशन के 846 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया जा चुका है।
यह पहल विशेष रूप से दिवंगत कर्मियों की विधवाओं और आश्रितों को सामाजिक सुरक्षा लाभ समय पर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुई है। इन मामलों में बड़ी संख्या मृत कर्मचारियों के आश्रितों, विशेषकर विधवा एवं बाल पेंशन से संबंधित मामलों की थी। ऐसे मामलों में विलंब से लाभ मिलने के कारण परिजनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस संवेदनशील विषय को गंभीरता से लेते हुए एसईसीएल के सतर्कता विभाग ने 5 अप्रैल 2025 को सीएमपीएफओ और प्रबंधन के साथ इस मुद्दे को औपचारिक रूप से उठाया तथा लंबित मामलों के शीघ्र और समयबद्ध निपटारे के लिए संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। सतर्कता विभाग की पहल के बाद 22 अप्रैल 2025 को एसईसीएल प्रबंधन द्वारा सीएमपीएफओ तथा विभिन्न क्षेत्रों के अधिकारियों के साथ एक तात्कालिक संयुक्त बैठक आयोजित की गई, जिसमें लंबित मामलों की केस-वाइज समीक्षा की गई और उनके शीघ्र निपटारे के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
इसके साथ ही पीएफ-पेंशन मामलों की प्रगति पर सतत निगरानी सुनिश्चित करने के लिए मासिक समीक्षा तंत्र भी शुरू किया गया। मामलों के त्वरित निपटारे के लिए सीएमपीएफओ की पहल पर ‘प्रयास’ नामक विशेष अभियान के अंतर्गत एसईसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में जुलाई 2025 से फरवरी 2026 के बीच कुल 9 पीएफ-पेंशन शिविर आयोजित किए गए।
इन शिविरों के माध्यम से लाभार्थियों को सीधे सहायता प्रदान की गई तथा आवश्यक दस्तावेजों का मौके पर सत्यापन कर लंबित मामलों के समाधान की प्रक्रिया को तेज किया गया। इन समन्वित प्रयासों के परिणाम स्वरूप अप्रैल 2025 से अब तक प्रति माह औसतन लगभग 75 मामलों का निपटारा संभव हो पाया है। इस सुव्यवस्थित प्रक्रिया का प्रभाव इस तथ्य से भी स्पष्ट होता है कि मुख्यालय के स्व. कर्मचारी भारत भूषण की पत्नी श्रीमती विमला भूषण के विधवा पेंशन क्लेम का निपटारा मात्र 7 दिनों में कर दिया गया। इस संबंध में स्व. भारत भूषण के पुत्र नीरज भूषण ने कहा कि हमें उम्मीद नहीं थी कि प्रक्रिया इतनी तेजी से पूरी हो जाएगी। एसईसीएल और सीएमपीएफओ के अधिकारियों के सहयोग से मेरी माताजी की विधवा पेंशन का निपटारा बहुत कम समय में हो गया। इससे हमारे परिवार को बड़ी राहत मिली है।
एसईसीएल सतर्कता की नजर, ‘प्रयास’ का असर-846 विधवा-परिजनों को मिला हक
एसईसीएल मानव संसाधन विभाग-सीएमपीएफओ की संयुक्त पहल, ‘प्रयास’ शिविरों से क्लेम सेटलमेंट प्रक्रिया हुई तेज



