रायगढ़। जिले में औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा एवं कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कार्यालय उप संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा रायगढ़ के उप संचालक राहुल पटेल द्वारा जिले में स्थापित विभिन्न कारखानों में घटित दुर्घटनाओं के पश्चात निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाए गए उल्लंघनों के संबंध में संबंधित कारखानों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण श्रम न्यायालय रायगढ़ में दायर किए गए थे, जिनका माह फरवरी 2026 में निराकरण किया गया है। जिसमें न्यायालय ने दोषी पाए गए संचालकों पर लाखों रुपए का अर्थदण्ड लगाया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम एवं पोस्ट सराईपाली, जिला रायगढ़ स्थित मेसर्स नवदुर्गा फ्यूल प्रा.लि. में निरीक्षण के दौरान कारखाना अधिनियम 1948 की धारा 7ए (2) (ए) एवं धारा 41 सहपठित नियम 73 (1) के उल्लंघन पाए गए थे। इस प्रकरण में अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक प्रकाश बेहरा के विरुद्ध दायर मामले में श्रम न्यायालय रायगढ़ ने उन्हें 2 लाख 30 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। इसी प्रकार ग्राम पाली (मेन रोड) जिला रायगढ़ स्थित मेसर्स अग्रोहा स्टील एण्ड पावर प्रा.लि. में निरीक्षण के दौरान कई सुरक्षा संबंधी प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया था। कारखाना अधिनियम 1948 की धाराओं के उल्लंघन के मामले में अधिभोगी उत्तम कुमार अग्रवाल तथा कारखाना प्रबंधक वीर विक्रम सिंह के विरुद्ध दायर प्रकरण में श्रम न्यायालय ने दोनों को अलग-अलग 4-4 लाख रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। इसके अलावा विकासखण्ड फरसाबहार, जिला जशपुर, ग्राम-उपरकछार स्थित मेसर्स विष्णु ब्रिक्स इंडस्ट्रीज में भी निरीक्षण के दौरान कारखाना अधिनियम 1948 के कई प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया था। इस मामले में अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक विष्णु प्रसाद के विरुद्ध श्रम न्यायालय रायगढ़ ने उन्हें 3 लाख 50 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। वहीं भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (नियोजन तथा सेवा शर्तों का विनियमन) अधिनियम 1996 तथा छत्तीसगढ़ भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार नियम 2008 के उल्लंघन के एक अन्य मामले में भी कार्रवाई की गई।
ग्राम कोटमार, जिला रायगढ़ स्थित मेसर्स इंड सिनर्जी लिमिटेड के संचालक नेत्रानंद थतोई तथा ए.जी. कंस्ट्रक्शन के संचालक अदालत गिरी के विरुद्ध नियम 42 (7), नियम 42 (5), नियम 54 एवं नियम 178 के उल्लंघन पाए जाने पर श्रम न्यायालय रायगढ़ ने दोनों को क्रमश: 8-8 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है।
कारखानों में सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर सख्ती



