रायगढ़। भारतीय संस्कृति में माता पिता को देव तुल्य माना गया है। इस कथन को चरितार्थ करते हुए रायगढ़ के लक्ष्मीपुर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में 14 फरवरी को माता-पिता को समर्पित प्रेम दिवस के रूप में मनाया गया।
सर्वप्रथम प्राचार्य श्रीमती विनीता श्रीवास और प्रधानाचार्य रमेशधर द्विवेदी ने मां भारती ओम सरस्वती माता के समक्ष दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मातृ-पितृ पूजन दिवस विषय पर प्राचार्य विनीता श्रीवास ने कहा कि 14 फरवरी को प्रेम दिवस के रूप में मनाते हुए हम अपने माता-पिता को समर्पित करते हैं। माता हमारी भरण पोषण करते हुए हमें संस्कार भरती है और पिता हमें संघर्ष करते हुए सतत आगे बढऩे का मार्गदर्शन करते हैं तो आज का दिन हम उन्हें समर्पित करते हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य भैया और बहनों में माता-पिता के प्रति सम्मान एवं भारतीय संस्कृति की रक्षा का भाव जागृत करना था। इस कार्यक्रम में विद्यालय के भैया-बहनों के साथ उनके अभिभावक विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने सांस्कृतिक प्रमुख श्रीमती फणिमा गायकवाड, प्रार्थना प्रमुख श्रीमती मंगला कातोरे, विद्यालय के समस्त दीदी जी आचार्यों का योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन चंद्रकांति विश्वकर्मा और फोटोग्राफी श्रीमती बिंदु लता नामदेव ने किया।
वेलेंटाइन डे को सशिमं ने माता-पिता को समर्पित प्रेम दिवस के रूप में मनाया
नौनिहालों ने माताओं की तिलक आरती कर 14 फरवरी को बनाया यादगार



