रायगढ़। एक युवक ने अपने कमरे में फांसी लगा लिया था, लेकिन समय रहते उसे फांसी से उतारकर मेकाहारा में भर्ती कराया गया था, जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार सारंगढ़ जिला के सरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अड़भार निवासी सत्यानंद रात्रे पिता फकीर रात्रे (27 वर्ष) की शादी कुशगढ़ निवासी पिंकी से हुई थी, जिससे दो बच्चे थे। ऐसे में दो साल पहले सत्यानंद के एक हाथ और एक पांव में लकवा मार दिया था, इससे वह कोई काम नहीं करता था। इससे परेशान होकर उसकी पत्नी अपने दोनों बच्चों को लेकर अपनी मायके में रहने लगी थी। इससे सत्यानंद हर हमेशा उससे मोबाइल पर बात कर पत्नी को प्रताडि़त करता था। विगत 9 फरवरी को भी उसने उसके मोबाइल पर फोन कर बात किया, इसके बाद दोपहर करीब एक बजे सरिया पुलिस को सूचना दिया कि वह फांसी लगाकर खुदकुशी कर रहा है। इससे जब तक पुलिस उसके घर पहुंचती तब तक वह फांसी पर लटक गया था। इससे पुलिस मौके पर पहुंची और उसे फांसी से नीचे उतारा तो उसकी सांसे चल रही थी।
इससे तत्काल बरमकेला अस्पताल भेजा गया, जहां प्राथमिक उपचार के दौरान उसकी स्थिति गंभीर होने पर डाक्टरों ने रायगढ़ रेफर कर दिया, इससे 9 फरवरी की शाम करीब 4.30 बजे मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कर इलाज कराया जा रहा था। जहां 12 फरवरी की शाम उसकी मौत हो गई। शुक्रवार को घटना की सूचना पर चक्रधरनगर पुलिस ने शून्य में मर्ग कायम कर पीएम उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया है। वहीं पुलिस का कहना है कि किस कारण से उसने फांसी लगाया है अब मर्ग जांच के बाद ही खुलासा हो सकेगा।
युवक ने फांसी लगाकर की खदुकुशी
युवक ने फांसी लगाकर की खदुकुशी



