सारंगढ़-बिलाईगढ़। सारंगढ़ ब्लॉक के ग्राम लिमगांव में किसानों ने रबी सीजन में परंपरागत धान की खेती छोडक़र मूंगफली की खेती की ओर रुख किया है। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे को सभी किसानों ने अपने फसल की जानकारी दी कि वे रबी सीजन में मूंगफली की खेती को प्राथमिकता दे रहे हैं। कलेक्टर ने पैदावर क्षेत्र का दौरा कर खेत में फसल का जमीनी हकीकत जाना और किसानों से विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी भी ली। उन्होंने इस वर्ष सभी किसानों को सहसपुर में पंजीयन कराने के निर्देश दिए तथा वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान डिप्टी कलेक्टर उमेश कुमार साहू एवं कृषि अधिकारी आशुतोष श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे। प्रशासन द्वारा किसानों को बेहतर उत्पादन और आय वृद्धि के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है।
लिमगांव के किसान संतोष साहू ने जनवरी माह में 4 एकड़ में मूंगफली की बोनी की है। उन्होंने बताया कि मूंगफली की फसल लगभग 4 माह में तैयार हो जाती है और धान की तुलना में पानी की खपत भी काफी कम होती है। पिछले वर्ष उन्होंने धान की खेती की थी, लेकिन इस बार अधिक लाभ को देखते हुए चार एकड़ में मूंगफली लगाई है। मूंगफली की खेती में लागत कम और आमदनी ज्यादा होती है, जबकि धान की खेती में पानी की खपत अधिक होने के बावजूद मुनाफा कम मिलता है। गांव में वर्तमान में कुल 44 किसान मूंगफली की खेती कर रहे हैं और 65 एकड़ से अधिक रकबे में इसकी फसल ली जा रही है। किसान नहर के पानी से सिंचाई कर रहे हैं। किसान रामलाल निषाद एवं दिलीप कुमार भी एक-एक एकड़ में मूंगफली की खेती कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि बदलते समय और संसाधनों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने वैकल्पिक फसल के रूप में मूंगफली को अपनाया है।
कलेक्टर ने किसानों के रबी फसल का किया अवलोकन
लिमगांव में 44 किसान 65 एकड़ में कर रहे मूंगफली की खेती, कलेक्टर ने कृषि अधिकारी को कृषि विभाग के योजनाओं का लाभ देने के निर्देश दिए, रबी सीजन में मूंगफली की खेती, कम पानी में ज्यादा आमदनी



