लैलूंगा। मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत आज ब्लॉक कांग्रेस कमेटी लैलूंगा के नेतृत्व में एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों और योगदानों को स्मरण करते हुए उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर की गई। उपस्थित जनसमूह ने कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से गांधी जी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक हृदय राम राठिया ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण गरीबों, मजदूरों और किसानों की जीवनरेखा है। भाजपा की केंद्र सरकार इस जनकल्याणकारी योजना को कमजोर कर रही है, जिससे गांवों में बेरोजगारी और पलायन बढ़ रहा है। कांग्रेस पार्टी मनरेगा की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी। ब्लॉक कांग्रेस लैलूंगा के समन्वयक प्रभारी युसूफ छाया ने अपने संबोधन में कहा कि मनरेगा केवल रोजगार की योजना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। केंद्र सरकार द्वारा बजट में कटौती और भुगतान में देरी से मजदूरों को भारी परेशानी हो रही है, जिसे कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी। पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष एवं विधायक प्रतिनिधि ठंडाराम बेहरा ने कहा कि मनरेगा से गांवों में सडक़, तालाब, जल संरक्षण और अन्य बुनियादी ढांचे का विकास हुआ है। भाजपा सरकार की नीतियां सीधे-सीधे ग्रामविरोधी हैं, जिससे गरीब मजदूर सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। पूर्व जिला पंचायत सदस्य यशोमती सिंह ने कहा कि मनरेगा ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाई है। यदि यह योजना कमजोर हुई तो सबसे ज्यादा नुकसान ग्रामीण महिलाओं और परिवारों को होगा।
पूर्व जनपद अध्यक्ष श्रीमती किरण पैंकरा ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मनरेगा में मजदूरी भुगतान में देरी और काम की कमी जानबूझकर पैदा की जा रही है, ताकि गरीबों की आवाज दबाई जा सके। कांग्रेस पार्टी इसे कभी सफल नहीं होने देगी। महिला कांग्रेस की ब्लॉक अध्यक्ष श्रीमती शकुंतला भगत ने कहा कि मनरेगा महिलाओं के सम्मान और स्वाभिमान से जुड़ी योजना है। इसके माध्यम से महिलाएं अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं, लेकिन भाजपा सरकार इसे खत्म करने पर तुली हुई है। कांग्रेस महामंत्री सतीश शुक्ला ने कहा कि केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण आज ग्रामीण भारत संकट में है। मनरेगा बचाओ संग्राम केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि गरीबों के हक की लड़ाई है। पूर्व जनपद सदस्य श्रीमती रायमति चौहान ने कहा कि मनरेगा ने गांवों में रोजगार के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा भी दी है। इसे कमजोर करना गरीबों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ब्लॉक कांग्रेस कमेटी लैलूंगा के अध्यक्ष वीरेंद्र साह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सडक़ से लेकर सदन तक मनरेगा की रक्षा के लिए संघर्ष करेगी। जब तक मजदूरों को उनका हक नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। धरना-प्रदर्शन में ग्राम पंचायत गुरुबहाल की सरपंच श्रीमती बरुआ, झगरपुर सरपंच रुकराम सिदार, शंकर लाल यादव, चंद्रदीप मित्तल (विधायक प्रतिनिधि, नगर पंचायत लैलूंगा), किरण पैंकरा, खगेश्वर मालाकार, मनीष टोप्पो, रोशन लकड़ा, आलोक गोयल, जुगलाल भगत, ललित राठिया, निधि भोय, प्रमोद प्रधान, सीताराम यादव, शानू खान, सम्राट महंत, विक्की वैष्णव, तेजस बंजारे, रोशन साहू, धर्मेंद्र बेहरा, हेमानंद गुप्ता, बाबूलाल बंजारे, शिवशंकर, वसीम अहमद सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता एवं स्थानीय ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में केंद्र सरकार से मनरेगा को और सशक्त बनाने, लंबित मजदूरी का तत्काल भुगतान करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग तथा मनरेगा को एक हाथ मना करने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी लैलूंगा राजस्व को सोपा गया।
मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन
मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन



