‘‘उद्घाटन समारोह में उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा, पुलिस महानिदेशक अरूणदेव गौतम, मुख्य सचिव विकास शील सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे, विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, नगरपालिका अध्यक्ष अरविन्द भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जनपद अध्यक्ष गंगाराम भगत वरिष्ठ जनप्रतिनिधि कृष्ण कुमार राय, कलेक्टर जशपुर रोहित व्यास, डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह उपस्थित रहे, सायबर अपराधों में सख्ती, विवेचना में तेजी आयेगी साथ ही प्रभावितों को त्वरित न्याय मिलेगा’’
जशपुरनगर। प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर से जिला जशपुर में स्थापित साइबर थाना का वर्चुअली उद्घाटन किया। यह सरगुजा संभाग का दूसरा साइबर थाना है, जिससे संभागीय स्तर पर साइबर अपराधों की जांच एवं नियंत्रण प्रणाली को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री द्वारा आज प्रदेशभर में कुल 08 नवीन साइबर थानों का एक साथ वर्चुअली शुभारंभ किया गया। इसका उद्देश्य साइबर अपराधों की त्वरित जांच, पीडि़तों को शीघ्र न्याय तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होने वाले अपराधों पर रोक लगाना है।
गृह मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारीगण भी रहे वर्चुअली शामिल
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री माननीय श्री विजय शर्मा, पुलिस महानिदेशक श्री अरुणदेव गौतम, मुख्य सचिव श्री विकास शील सहित राज्य शासन के कई वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअली कार्यक्रम से जुड़े। अधिकारियों ने साइबर अपराधों की बदलती प्रकृति और आधुनिक तकनीक के माध्यम से अपराध नियंत्रण की आवश्यकता पर विस्तार से विचार साझा किए।
जशपुर में आयोजित हुआ स्थानीय कार्यक्रम
जशपुर नगर में आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम में जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जनपद अध्यक्ष गंगाराम भगत, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री कृष्ण कुमार राय, कलेक्टर जशपुर श्री रोहित व्यास, डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
सीमावर्ती जिला होने से बढ़ती है चुनौती
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा कि जशपुर जिला झारखंड एवं ओडिशा की सीमाओं से लगा हुआ है, जिससे साइबर अपराधों की संवेदनशीलता और चुनौतियां बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा कि आनलाईन ठगी, फर्जी कॉल बैंकिंग फ्रॉड एवं सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। ऐसे में साइबर थाना की स्थापना जिले के लिए अत्यंत आवश्यक और लाभकारी सिद्ध होगी।
विशेष प्रशिक्षित स्टाफ की पदस्थापना
डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि साइबर थाना में विशेष रूप से प्रशिक्षित एवं तकनीकी रूप से दक्ष पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पदस्थापना की गई है। थाना को आधुनिक तकनीकी संसाधनों से सुसज्जित किया जा रहा है, जिससे आँनलाईन ठगी, बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया अपराध, फर्जी वेबसाइट एवं लिंक के माध्यम से होने वाले अपराधों की जांच प्रभावी रूप से की जा सकेगी।
जन-जागरूकता पर रहेगा विशेष फोकस
उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जागरूकता भी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से पुलिस विभाग द्वारा आगामी दिनों में गांव-गांव, स्कूलों, कालेज, पंचायतों एवं सार्वजनिक स्थलों पर साइबर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। लोगों को बताया जाएगा कि किस प्रकार फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड लिंक और सोशल मीडिया ठगी से बचा जा सकता है। डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने आम नागरिकों से अपील किया है कि:- किसी भी प्रकार के साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत साइबर थाना या नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें। शिकायत मिलते ही त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की जाएगी, ताकि पीडि़तों को शीघ्र राहत मिल सके।
अब जशपुर में ही मिलेगा त्वरित न्याय
जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय ने कहा कि डिजिटल युग में अपराधी नए-नए तरीके अपनाकर आम लोगों को ठग रहे हैं। साइबर थाना खुल जाने से अब जिले के नागरिकों को अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए अन्य जिलों या राज्य मुख्यालय पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे पीडि़तों को त्वरित न्याय मिलने की प्रक्रिया तेज होगी।



