रायगढ़। शंकराचार्य के अपमान को लेकर शाखा यादव के बयान पर पलटवार करते हुए भाजयुमो अध्यक्ष सुमीत शर्मा ने कहा तथाकथित शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुई घटना में कांग्रेस को हिन्दू धर्म का अपमान नजर आ रहा है जबकि 2004 के दौरान यूपीए सरकार के दौरान हिंदुओं के महापर्व दिवाली के दिन शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती को कांग्रेस के इशारे पर गिरफ्तार किया गया और हिंदुओं को अपमानित किया गया । जिस वक्त शंकराचार्य की गिरफ्तारी की गई थी तब वे 2500 साल से चली आ रही त्रिकाल पूजा की तैयारी कर रहे थे। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा लिखित पुस्तक जीम बवससपेवद लमंते ां जिक्र करते हुए युवा भाजपा नेता सुमीत ने कहा कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने जानबूझकर हिन्दुओं को नीचा दिखाने के लिए शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती को गिरफ्तार करवाया था। वर्ष 1996-2012 में इस घटना का जिक्र करते हुए पूर्व राष्ट्रपति प्रणव लिखा था कि वे इस गिरफ्तारी से बहुत नाराज थे और कैबिनेट की बैठक में प्रणव मुखर्जी ने इस मसले को उठाया भी था । कांग्रेस के नेता प्रणव मुखर्जी ने अपनी ही कांग्रेस पार्टी से सवाल पूछा कि क्या देश में धर्मनिरपेक्षता का पैमाना सिर्फ हिन्दू संत-महात्माओं तक ही सीमित है? क्या किसी राज्य की पुलिस किसी मुस्लिम मौलवी को ईद के मौके पर गिरफ्तार करने की हिम्मत दिखा सकती है? सोनिया गांधी द्वारा शंकराचार्य जयेन्द्र सरस्वती महाराज को गिरफ्तार करवाने का सबसे बड़ा कारण शंकराचार्य जी महाराज के द्वारा तमिलनाडु और उसके आसपास के शहरों में ईसाई मिशनरी द्वारा हिन्दुओं के धर्म परिवर्तन पर की जा रही साजिशों का खुलासा था।सुमीत ने कांग्रेस से सवाल पूछा क्या उनकी पूर्व पार्टी अध्यक्षा सोनिया गांधी उन लोगों की समर्थक थी जो हिंदुओं का धर्मांतरण करवा रहे थे। सत्ता रहते हुए हिंदुत्व को अपमानित करने वाली कांग्रेस का हृदय परिवर्तन अचानक क्यों हो गया ? कांग्रेस आज अचानक हिन्दूओं की भावनाओं का सम्मान का ढोंग इसलिए कर रही है क्योंकि देश के हिंदू कांग्रेस की नापाक भावना भली भांति जान चुका। अतीत में किए गए सनातन के अपमान कांग्रेस भूल सकती है लेकिन हिंदू अपने साथ हुए अपमान को ना ही भुला है और ना ही कभी भुला पाएगा। सत्ता रहते हुए जैसे कांग्रेस हिंदुओं से नफरत करती रही इसी का यह फल है कि आज देश के हिंदू भी कांग्रेस से नफरत करते है और भविष्य में भी करते रहेंगे।



