सक्ती। जिले के धान खरीदी केंद्र में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। भौतिक सत्यापन के दौरान केंद्र से करीब 3200 क्विंटल धान गायब मिला, जिसकी कीमत लगभग 99 लाख 20 हजार रुपये आंकी गई है। जानकारी के मुताबिक धान की भारी कमी को छिपाने के लिए देर रात धान की बोरियों में मिट्टी और कंकड़ मिलाए जा रहे थे। जांच में एक-एक बोरी में 5 से 10 किलो तक मिट्टी-कंकड़ मिले हैं। पूरा मामला डभरा क्षेत्र के पुटीडीह धान खरीदी केंद्र का है।
कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के सख्त निर्देशों के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है और धान खरीदी कार्य से जुड़े सभी अधिकारी कर्मचारी दिन और रात किसी भी समय अवैध गतिविधियों का निरीक्षण कर त्वरित कार्यवाही कर रहे है। इसी कड़ी में कलेक्टर के निर्देशन में जिला पंचायत सीईओ एवं धान खरीदी के नोडल अधिकारी वासु जैन ने आधी रात धान खरीदी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। अचानक हुई इस कार्रवाई से खरीदी केंद्रों में हडक़ंप मच गया। निरीक्षण के दौरान डभरा विकासखण्ड अंतर्गत धान खरीदी केंद्र पुटीडीह में भौतिक सत्यापन करने पर 23294 बोरे धान पाए गए, जबकि ऑनलाइन पोर्टल में की गई एंट्री के अनुसार 9426 बोरा धान कम पाया गया। इसके साथ ही निरीक्षण के दौरान उक्त केंद्र में धान का वजन बढ़ाने के लिए मिट्टी कंकड़ मिलाने का खेल भी उजागर हुआ। कलेक्टर के निर्देशन में धान खरीदी केंद्र पुटीडीह में नियमों की अनदेखी और गंभीर अनियमितता पाए जाने पर धान खरीदी नोडल अधिकारी वासु जैन, एसडीएम डभरा विनय कश्यप सहित जिला स्तरीय जांच टीम की उपस्थिति में तत्काल कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई के माध्यम से प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, लापरवाही या गैर-जिम्मेदाराना रवैया किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी।बता दे कि धान खरीदी केंद्र पुटीडीह में आधी रात को लगभग 1 बजे मौके पर धान खरीदी नोडल अधिकारी व जिला पंचायत सीईओ वासु जैन, एसडीएम विनय कश्यप, तहसीलदार मनमोहन ठाकुर, जिला खाद्य विभाग की टीम एवं स्थानीय प्रशासन के अधिकारी तत्काल पहुंचे। उन्होंने मौके पर पंचनामा तैयार कर त्वरित कार्रवाई की। प्रथम दृष्टया यह सामने आया है कि धान की कमी को छिपाने के लिए हमालों के माध्यम से पहले से खरीदी गई धान की बोरियों में मिट्टी-कंकड़ डालकर मात्रा पूरी करने का प्रयास किया जा रहा था। हालांकि, जिला स्तरीय जांच टीम की रात्रिकालीन गश्त के दौरान यह पूरा मामला उजागर हो गया। इसके पश्चात नोडल अधिकारी लोक नाथ मैत्री द्वारा पंचनामा के आधार पर संबंधित धान को विधिवत जप्त कराया गया।
आधी रात धान खरीदी केंद्र पर पड़ा छापा, 99 लाख से अधिक का धान गायब
बोरियों में मिलाया जा रहा था मिट्टी-कंकड़, शासन के पैसों से खिलवाड़ करने वाले सीधे जाएंगे जेल



