पखांजूर। नगर पंचायत पखांजूर के वार्ड क्रमांक 12 स्थित शासकीय माध्यमिक शाला पी.वी. 55 का भवन अत्यंत जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। स्कूल की छत कई स्थानों से टूटकर गिर रही है, जिससे लोहे की छड़ें और सरिया बाहर दिखाई दे रहे हैं। बरसात के मौसम में छत से पानी टपकता है, जिससे कक्षाएं पूरी तरह भीग जाती हैं और बच्चे डर के माहौल में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
इस गंभीर स्थिति को लेकर वार्ड पार्षद प्रशांत कर्मकार ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि महज 18 वर्ष पूर्व लाखों रुपये की लागत से निर्मित यह भवन इतनी कम अवधि में जर्जर हो जाना, निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पार्षद के अनुसार, इस समस्या को लेकर वे कई बार बीईओ एवं संबंधित अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस और सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। स्कूल भवन की बदहाल स्थिति का सीधा असर बच्चों की शिक्षा पर भी पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जर्जर भवन को देखकर कई अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। वहीं, कभी भी किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती चंचला राय ने बताया कि स्कूल प्रबंधन द्वारा भी कई बार उच्च अधिकारियों को लिखित एवं मौखिक रूप से समस्या से अवगत कराया गया है। हर बार केवल आश्वासन ही मिला, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। कक्षा आठवीं की छात्रा कु. मुस्कान नंदी ने शासन से भावुक अपील करते हुए कहा, हम चाहते हैं कि हमारे स्कूल की व्यवस्थाएं जल्द सुधारी जाएं, ताकि हम सभी सुरक्षित माहौल में अच्छे से पढ़-लिख सकें। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब नगर पंचायत पखांजूर के भीतर स्थित स्कूलों की यह हालत है, तो अंदरूनी एवं दूरस्थ क्षेत्रों के शैक्षणिक संस्थानों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हुए बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा के अधिकार की रक्षा करता है।
जर्जर स्कूल भवन में पढऩे को मजबूर बच्चे



