रायपुर। जिले के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय में लगी भीषण आग को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने इस मामले की गहन जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है, जो आग लगने के कारणों और इससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी। संभागीय संयुक्त संचालक संजय श्रीवास्तव को इस जांच समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। सहायक संचालक बजरंग प्रजापति और सतीश नायर समिति के सदस्य होंगे। समिति को 5 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
शनिवार रात करीब 10:10 बजे, रायपुर स्थित ष्ठश्वह्र कार्यालय परिसर के भंडार कक्ष में अचानक आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि उसकी लपटें लगभग एक किलोमीटर दूर से दिखाई दीं, जिससे इलाके में हडक़ंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक विभाग के अधिकांश महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर खाक हो चुके थे। बताया जा रहा है कि जिस भंडार कक्ष में आग लगी, वहां रखे कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड नष्ट हो गए, उनमें निजी स्कूलों की मान्यता से जुड़े दस्तावेज, मध्याह्न भोजन योजना की फाइलें, छात्रवृत्ति संबंधी कागजात, सरकारी स्कूलों के अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख, साजिश की आशंका, विभागीय जांच के संकेत, घटना के बाद साजिश की आशंका भी जताई जा रही है। आशंका है कि किसी घोटाले या अनियमितता को छिपाने के लिए जानबूझकर आग लगाई गई हो। इसी संदेह को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने जांच समिति का गठन किया है। सूत्रों के मुताबिक, शिक्षा विभाग की ओर से विभागीय जांच के भी संकेत दिए गए हैं।
डीईओ ऑफिस में आग लगने की वजह तलाशने टीम गठित
तीन लोगों की टीम बताइगी आग लगी या लगाई गई, 5 दिन की डेड लाइन



