रायपुर। देशभर के साथ छत्तीसगढ़ में भी मकर संक्रांति धूमधाम से मनाया जा रहा है। गरियाबंद जिले के राजिम त्रिवेणी संगम में सुबह भक्तों ने स्नान कर पूजा पाठ किया। कड़ाके की ठंड के बावजूद लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई। दीप दान कर भगवान कुलेश्वर नाथ और राजीव लोचन का जलाभिषेक किया। इस मौके पर प्रदेश भर के अलग-अलग जिलों में आज खास आयोजन भी हुए। रायपुर में कई जगहों पर पतंगबाजी का आयोजन किया गया। वहीं मंदिरों में दीपोत्सव और विशेष भोग की व्यवस्था की गई। वहीं बलरामपुर में ष्टरू विष्णुदेव साय ने बच्चों के साथ पतंगबाजी की।
इसके साथ ही मकर संक्रांति के मौके पर गुजराती समाज ने रायपुर के सप्रे स्कूल ग्राउंड में पतंगबाजी का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में बृजमोहन अग्रवाल मुख्य अतिथि थे। बच्चों और युवाओं ने पतंगबाजी में हिस्सा लिया। माता-पिता भी अपने बच्चों के साथ पतंग उड़ाते दिखे। वहीं रायपुर के सदर बाजार की पतंग की दुकानों पर भारी भीड़ देखने को मिली। बच्चे समेत बड़ी संख्या में युवा पतंग और पतंग का मांझा खरीदने पहुंचे। दुकानदारों ने अपनी दुकानों के बाहर बोर्ड लगाए हैं, जिन पर लिखा है कि वे चीनी मांझा नहीं बेचते हैं। इसके अलावा टाटीबंध स्थित अयप्पा मंदिर को हजारों दीपक से सजाकर दीपोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाज के लोग इक_े हुए और पूजा अर्चना की।
गुजराती युवा मंडल के उपाध्यक्ष जतिन बावरिया ने कहा कि मकर संक्रांति का उत्सव गुजरात में बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस परंपरा को देखते हुए रायपुर में भी इस तरह कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इसमें कोशिश की गई है कि गुजराती समाज समेत सभी लोग एकजुट होकर इस कार्यक्रम को मनाएं। गुजराती युवा मंडल के अध्यक्ष गौरांग काचा ने कहा कि लोगों की सुविधा को देखते हुए यहां पतंग और मांझे की फ्री व्यवस्था की गई है। इसके अलावा आयोजन में कई प्राइज भी रखें गए है। साथ ही मांझे से किसी को चोट लगने की स्थिति में फर्स्ट एड की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम में बच्चों के साथ उनके पेरेंट्स का भी उत्साह देखने को मिल रहा है।
भिलाई के जयंती स्टेडियम के पास हेलीपैड ग्राउंड में आयोजित काइट फेस्टिवल में बड़ी संख्या में लोग पतंगबाजी करने पहुंचे। इस दौरान कलेक्टर अभिजीत सिंह संभाग आयुक्त सत्यनारायण राठौर समेत पुलिस और जिला प्रशासन के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
रायगढ़ में मकर संक्रांति के मौके पर केलो नदी की महाआरती की गई। केलो उद्धार समिति और छत्तीसगढ़ सांस्कृतिक मंच के सभी सदस्यों की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। पिछले 9 साल से समलाई घाट में यह आयोजन होता है। 11 पंडितों की अगुवाई में समलाई माता की पूजा अर्चना की जाएगी। इसके बाद घाट में स्थित केलो मैया के मंदिर में कीर्तन भजन के साथ शाम को पंडित बृजेश्वर मिश्रा और सहयोगी 11 पंडित पूरे विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की।
शाम को समलाई घाट में केलो नदी की पूजा अर्चना के बाद स्थानीय कलाकारों का भजन होगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति होगी। इस दौरान शहर के सामाजिक संस्था के सदस्य स्टॉल लगाकर प्रसाद बांटेंगे। रायपुर में अग्रवाल युवा मंडल की ओर से ‘रिश्तों का मंझा- 4.0’ का भव्य आयोजन किया गया। ये आयोजन दोपहर 2:30 बजे से शाम 7 बजे तक एस.एन. पैलेस, सेरीखेड़ी, रायपुर (छत्तीसगढ़) में संपन्न होगा। इस आयोजन का उद्देश्य समाज में आपसी प्रेम, सौहार्द एवं पारिवारिक रिश्तों को और अधिक मजबूत बनाना है। पतंगोत्सव के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि जिस प्रकार मंझा संतुलन से पतंग को ऊंचाई देता है, उसी प्रकार समझ, संवाद और संवेदनशीलता से रिश्तों को मजबूती मिलती है।
कार्यक्रम के युवा प्रभारी कमल अग्रवाल और योगेश अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन अग्रवाल समाज को एकजुट करने का एक सकारात्मक प्रयास है, जिसमें सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए मनोरंजन व सहभागिता की विशेष व्यवस्था की गई है। मीडिया प्रभारी उदित अग्रवाल ने बताया कि इस आयोजन में लाइव म्यूजिक, स्वादिष्ट भोजन एवं पतंग किट जैसी आकर्षक व्यवस्थाएं की गई हैं। यह कार्यक्रम केवल अग्रवाल समाज के लिए आयोजित किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के लोग अपनी सहभागिता सुनिश्चित करेंगे।
रायपुर के प्रसिद्ध दूधाधारी मंदिर में 472 साल पुरानी मठ परंपरा निभाई जाएगी, मठाधीश फलादेश सुनाएंगे, भगवान को तिल और खिचड़ी का भोग लगाया जाएगा। टाटीबंध के अयप्पा मंदिर में मलयाली समाज द्वारा दीप उत्सव मनाया जाएगा। इसमें हजारों दीपों से मंदिर को सजाया जाएगा। यह आयोजन केरल के शबरीमाला मंदिर के तर्ज पर किया जाता है। मकर संक्रांति के दिन गुजराती समाज के द्वारा सप्रे स्कूल मैदान बूढ़ापारा में पतंग उत्सव का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक चला।
रामानुजगंज जिले में संक्रांति पर्व के अवसर पर ष्टरू साय ने तातापानी महोत्सव का शुभारंभ किया। ये महोत्सव 14 से 16 जनवरी तक चलेगा। सीएम ने तातापानी में तपेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में स्थित शिव की विशाल प्रतिमा का अवलोकन करने के बाद बच्चों के साथ पतंग उड़ाते नजर आए। वहीं, इस अवसर पर 200 जोड़ों का सामूहिक विवाह भी हुआ। मकर संक्रांति के अवसर पर अमरकंटक में नर्मदा नदी के तटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। तडक़े सुबह से ही हजारों की संख्या में लोगों ने नर्मदा में आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा की पूजा-अर्चना की। उन्होंने अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थनाएं कीं। नर्मदा घाटों पर दिनभर भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान जारी रहे, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहा।
मकर संक्रांति : राजिम के त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी
अयप्पा मंदिर में दीपोत्सव, बलरामपुर में मुख्यमंत्री साय बच्चों संग उड़ाए पतंग



