जशपुरनगर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज फरसाबहार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर से बाल विवाह मुक्त जशपुर अभियान रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह जागरूकता रथ जिले के शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में भ्रमण कर लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और इसे रोकना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी बाल विवाह की आशंका हो तो बिना झिझक 1098 पर सूचना दें और इस सामाजिक बुराई के उन्मूलन में सहभागी बनें। अभियान रथ के माध्यम से नागरिकों को बाल विवाह से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान, विवाह की वैधानिक न्यूनतम आयु तथा बाल विवाह निषेध अधिनियम के अंतर्गत किए जाने वाले कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य समाज में सकारात्मक सोच विकसित कर बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त करना है।
रथ पर 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है, ताकि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिलने पर नागरिक तत्काल इस हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकें। सूचना प्राप्त होते ही बाल विवाह प्रतिषेध की संयुक्त टीम के द्वारा त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। इसके साथ ही 1098 हेल्पलाइन के माध्यम से बच्चों से जुड़ी अन्य समस्याओं का समाधान भी किया जाता है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, कमिश्नर नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जीएस जात्रा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
जशपुर जिले के शासकीय विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने नई पहल

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में आज बगिया में जशपुर जिले के शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर हुआ। विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन जशपुर, एसईसीएल एवं ईडीसीआईएल के मध्य त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से कलेक्टर रोहित व्यास, एसईसीएल की ओर से जनरल मैनेजर सी. एम. वर्मा तथा ईडीसीआईएल की ओर से प्रोजेक्ट डायरेक्टर विकास सहरावत ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से शिक्षा को रोचक एवं प्रभावी बनाना समय की आवश्यकता है, ताकि ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों के बच्चों को भी शहरों के समान बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जा सके। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों में नवाचार, जिज्ञासा एवं तकनीकी दक्षता का विकास होगा, जो उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनेगा। एमओयू के तहत जशपुर जिले के चयनित शासकीय विद्यालयों में चरणबद्ध रूप से इंटरएक्टिव पैनल स्थापित किए जाएंगे। इन उपकरणों के माध्यम से शिक्षक डिजिटल कंटेंट, वीडियो, प्रेजेंटेशन एवं ई-लर्निंग संसाधनों का उपयोग कर कक्षाओं को अधिक रोचक, सरल एवं प्रभावी बना सकेंगे। साथ ही एमओयू में इंटरएक्टिव पैनल की स्थापना के साथ-साथ उनके प्रशिक्षण, संचालन एवं नियमित मेंटेनेंस के प्रावधान भी शामिल किए गए हैं, ताकि उपकरणों का सतत एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके। इस परियोजना के लिए एसईसीएल द्वारा सीएसआर मद से 5 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिसके अंतर्गत जिले के शासकीय विद्यालयों में 206 इंटरएक्टिव पैनल लगाए जाएंगे। इस पहल से जिले के सैकड़ों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षा की सुविधा प्राप्त होगी। कलेक्टर रोहित व्यास ने एसईसीएल एवं ईडीसीआईएल के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि इस परियोजना से विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।
पेंशनर संघ के सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पेंशनर्स समाज की धरोहर हैं, जिन्होंने अपने सेवाकाल में शासन-प्रशासन की नींव को सुदृढ़ किया और आज राज्य के विकास में अपना योगदान दे रहे है। प्रशासनिक व्यवस्था के सुचारू संचालन में पेंशनरों का अनुभव बहुत महत्वपूर्ण है। उनकी कर्तव्यनिष्ठ सेवा के कारण ही प्रशासनिक व्यवस्था सुचारू रूप से जारी है। मुख्यमंत्री आज पमशाला में आयोजित सरगुजा संभागीय पेंशनर सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन के वक्त जिन शासकीय सेवकों ने कठिन परिस्थितियों में कार्य करते हुए राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, वे आज भले ही सेवानिवृत हो चुके है लेकिन उनका अनुभव और मार्गदर्शन नए अधिकारियों के लिए हमेशा काम आएगा। सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री साय ने 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ पेंशनरों को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने पूर्व सरगुजा कमिश्नर रिटायर्ड आईएएस महेश्वर साय पैंकरा द्वारा लिखित किताब करमडार एवं अन्य कथनी तथा महुवा के फूल का विमोचन किया। उन्होंने पेंशनर संघ की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राधा-कृष्ण मंदिर में दर्शन व पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर प्रांताध्यक्ष डॉ डीपी मनहर ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय पेंशनर संघ सम्मलेन में शामिल होने वाले पहले मुख्यमंत्री है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, पूर्व विधायक भरत साय, पेंशनर संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ डीपी मनहर, बड़ी संख्या में पेंशनर्स उपस्थित रहे।
सीएम साय ने फरसाबहार, कुनकुरी और मनोरा में पोषण पुनर्वास केन्द्र का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसाबहार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान फरसाबहार के साथ-साथ कुनकुरी एवं मनोरा में स्थापित किए गए पोषण पुनर्वास केंद्रों का शुभारंभ किया। इन तीनों पुनर्वास केंद्रों को 10-10 बिस्तरों की सुविधा के साथ प्रारंभ किया गया है। इनके शुभारंभ के साथ ही जशपुर जिले में पोषण पुनर्वास केंद्रों की संख्या 6 हो गई है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कुपोषित बच्चों की माताओं से बच्चों के स्वास्थ्य और उनके ईलाज के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री इस मौके पर बच्चों के लिए पोषण कीट के साथ खिलौने भी प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने सीएचसी फरसाबहार में निर्माणाधीन श्री सत्य साईं मातृत्व शिशु चिकित्सालय का मुआयना किया। यह हॉस्पिटल मुख्यमंत्री श्री साय के विशेष प्रयासों से बन रहा है, इससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध हो सकेंगी। इसमें नवजात शिशुओं एवं बच्चों के उपचार के साथ-साथ गर्भवती माताओं के लिए भी ऑपरेशन सहित सभी आवश्यक चिकित्सकीय सेवाएँ विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएँगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता है।
इसी दिशा में जिले में मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज का निर्माण कार्य भी किया जा रहा है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, कमिश्नर नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।



