सारंगढ़। विधानसभा क्षेत्र में सडक़ों की बदहाल स्थिति एक बार फिर विधानसभा में गूंजती नजर आई। क्षेत्र की जर्जर सडक़ों, अधूरे निर्माण कार्यों और स्वीकृति के बाद भी शुरू न हो पाने वाली परियोजनाओं को लेकर विधायक उत्तरी जांगड़े ने विधानसभा में गंभीर सवाल उठाते हुए सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया। विधानसभा प्रश्न क्रमांक 21 के उत्तर में लोक निर्माण विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सत्र 22-23 से 25 नवंबर 25 तक सारंगढ़ विधानसभा क्षेत्र में कुल 20 सडक़ों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इनमें से कई सडक़ों पर अब तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है।
स्वीकृत पर अप्रारंभ सडक़ों में प्रमुख रूप से डंगनिया से रीवांपार राशि 3 करोड़ 72 लाख रु.गोपाल भौना से कपिसदा मार्ग राशि 6 करोड़ 75 लाख रुपये , खैरा छोटे से भेड़वन मुख्य कौवाताल सुवाताल तक राशि 5 करोड़ 78 लाख रुपये , नौरंगपुर से सिंघनपुर पहुँच मार्ग राशि 3 करोड़ 67 लाख रुपये शामिल हैं। इन सडक़ों पर स्वीकृति मिलने के बावजूद काम शुरू न होना क्षेत्रीय विकास की वास्तविक स्थिति को उजागर करता है। प्रश्न के उत्तर में उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने स्वीकार किया कि स्वीकृत सडक़ों के निर्माण के लिए फिलहाल कोई निश्चित समय-सीमा तय करना संभव नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक एवं बजटीय कारणों से कई सडक़ परियोजनाएं लंबित हैं और आगे नहीं बढ़ पाई हैं। मंत्री के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि सडक़ निर्माण जैसे बुनियादी मुद्दे सरकार की प्राथमिकताओं में नहीं हैं। विधायक उत्तरी जांगड़े ने सदन में कहा कि – जब भी माननीय मंत्री सारंगढ़ दौरे पर आते हैं, तब यह कहा जाता है कि – यहां के जनप्रतिनिधि कुछ भी नहीं मांग रहे हैं जबकि – सच्चाई यह है की वर्षों से सडक़ निर्माण को लेकर लगातार मांगें की जा रही हैं।
कई कार्य अधूरे कई स्वीकृति के बाद भी अप्रारंभ – उत्तरी



