जांजगीर-चाम्पा। जिले के नगर पंचायत बम्हनीडीह, खपरीडीह, पुछेली, पिपरदा में हसदेव नदी से रेत का अवैध उत्खनन अपनी पराकाष्ठा पर पहुंच चुका है, भाजपा सरकार पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, खनन माफिया दिन-रात हजारों ट्रैक्टर रेत का अवैध उत्खनन कर रहे हैं। हैरत की बात यह है कि इस अवैध कारोबार को रोकने में न तो कलेक्टर की सख्ती काम आ रही है और न ही स्थानीय भाजपा नेता इस गंभीर मुद्दे पर चुप्पी तोड़ रहे हैं।
ग्रामीणों और स्थानीय शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि यह अवैध उत्खनन खुलेआम जिला खनिज अधिकारी के संरक्षण में चल रहा है। आरोप है कि खनिज अधिकारी को हर महीने महीना (मासिक बंधी) पहुंचाई जा रही है, जिसके एवज में खनन माफिया बेखौफ होकर नदी की छाती चीर रहे हैं। नदी के घाटों से रोजाना हजारों ट्रैक्टर रेत निकाली जा रही है, जिससे राज्य के खजाने को करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लग रहा है। यह विष्णु की सरकार है, फिर भी अवैध उत्खनन चरम पर है। ऐसा लगता है कि प्रशासन का कोई डर नहीं है। कलेक्टर भी इसे बंद नहीं करवा पा रहे हैं, जिससे साफ है कि नीचे के अधिकारियों को खुली छूट मिली हुई है। विदित हो कि नगर पंचायत बम्हनीडीह,खपरीडीह, पुछेली, अमोदी, पिपरदा, गोविंदा के अवैध घाट से चैन माउंटेन, जेसीबी, ट्रैक्टर लोडर जैसे दर्जनों मशीन से रोजाना 5 हजार से अधिक ट्रैक्टर रेत का अवैध उत्खनन हसदेव नदी से किया जा रहा है जिसको देख कर ग्रामीण आक्रोशित तो हो रहे है लेकिन अधिकारी के साठ गांठ के कारण कार्यवाही नहीं हो पा रही है। रेत माफियाओ ने नगर पंचायत बम्हनीडीह के मुख्य सडक़ की स्थिति इतनी गंदी कर दी है कि इसमें चलना मुश्किल हो गया है,दिन भर धूल,कीचड़,जगह जगह गढ्ढे ने नगरवासियों का जीना दूभर कर दिया है,रेत उत्खनन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद है कि उनके द्वारा स्कूल से समय में भी बेखौफ गाडिय़ा सडक़ में दौड़ाई जाती है, छोटी मोटी घटना रोज होते रहती है।
पर्यावरण को भारी नुकसान
अवैध उत्खनन के कारण हसदेव नदी का स्वरूप बुरी तरह बिगड़ रहा है। अत्यधिक खनन से नदी के तटों का कटाव बढ़ गया है, जिससे आसपास की कृषि भूमि और पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है। इसके बावजूद, प्रशासनिक अमला सिर्फ कागजी खानापूर्ति तक ही सीमित है, जबकि मौके पर उत्खनन बदस्तूर जारी है।
सत्ताधारी दल के नेता मौन
यह स्थिति तब है जब प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। स्थानीय भाजपा नेता और जनप्रतिनिधि इस गंभीर अवैध कारोबार पर मौन धारण किए हुए हैं, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या उन्हें इस अवैध काम की जानकारी नहीं है या फिर वे जानबूझकर आंखें मूंदे हुए हैं। बम्हनीडीह क्षेत्र सहित पूरे जिले में अवैध रेत उत्खनन की यह बेलगाम स्थिति, सुशासन के दावों की धज्जियां उड़ा रही है और प्रशासन की नीयत पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा रही है।
बम्हनीडीह में रेत का अवैध उत्खनन चरम पर, विभाग बेबस
जिला खनिज अधिकारी के संरक्षण में दिन-रात चल रहा अवैध कारोबार



