रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक पारदर्शिता और समयपालन को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 1 दिसंबर 2025 से मंत्रालय में आधार-आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली को अनिवार्य कर दिया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किया है। जारी आदेश में कहा गया है कि शासन की ओर से निर्णय लिया गया है कि मंत्रालय, महानदी भवन में 1 दिसंबर 2025 से आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के माध्यम से ही अवर सचिव और उनसे वरिष्ठ समस्त अधिकारियों का कार्यालय में उपस्थित होने और कार्यालय पश्चात वापस जाने के समय उपस्थिति दर्ज की जाए। आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के लिए मोबाइल में आधार बीएएस ऐप के माध्यम से अथवा प्रवेश द्वार के पास स्थापित बायोमेट्रिक डिवाइस या कंप्यूटर में थम्ब स्कैनर का उपयोग करते हुए उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं।
मंत्रालय में एईबीएएस का अनिवार्य ट्रायल रन 20 नवंबर से शुरू हो गया था। पारदर्शिता बढ़ाने, समयपालन सुनिश्चित करने और प्रशासनिक कार्यकुशलता में सुधार करने के उद्देश्य से सरकार ने महानदी भवन और इंद्रावती भवन दोनों में इस सिस्टम को लागू करने की घोषणा की थी। अब ट्रायल रन सफल होने के बाद 1 दिसंबर 2025 से मंत्रालय के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए ्रश्वक्च्रस् के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य होगा।
मंत्रालय में आज से अनिवार्य होगी आधार-आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली



